चीन में सोयाबीन का आयात अप्रैल में घटकर 60.80 लाख टन पर सिमटा
13-May-2025 03:03 PM
बीजिंग। अप्रैल 2025 के दौरान चीन में सोयाबीन का आयात घटकर पिछले एक दशक के न्यूनतम स्तर पर आ गया क्योंकि एक तो कस्टम क्लीयरेंस में लम्बा समय लग गया और दूसरे, ब्राजील से शिपमेंट में देरी हो गई। वहां फसल कटाई की गति धीमी रही। कुछ परिवहन की समस्या भी देखी गई।
चीन के सामान्य सीमा शुल्क प्रशासन (जेनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स) के आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल 2025 के दौरान चीन में कुल 60.80 लाख टन सोयाबीन का आयात हुआ जो अप्रैल 2024 के आयात से 29 प्रतिशत कम और वर्ष 2015 के बाद अप्रैल का न्यूनतम स्तर था।
उद्योग समीक्षकों के अनुसार बंदरगाहों पर आयातित माल की कस्टम क्लीयरेंस में देरी होने से चीन का तिलहन प्रोसेसिंग उद्योग समूचे अप्रैल के साथ-साथ मई के प्रथम सप्ताह तक बुरी तरह प्रभावित हुआ। इससे वहां सोयामील की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल हो गई जिससे पशु आहार निर्माण उद्योग के कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ा।
सोयाबीन की आयातित खेपों को अब बंदरगाहों से चीन के क्रशिंग प्लांटों तक पहुंचने में 20-25 दिनों का समय लग रहा है जबकि आमतौर पर पहले 7 से 10 दिनों तक का ही समय लगता था। इससे प्लांटों में सोयाबीन क्रशिंग की गति धीमी पड़ गई है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चालू वर्ष के शुरूआती चार महीनों में यानी जनवरी से अप्रैल 2025 के दौरान चीन में कुल मिलाकर 231.90 लाख टन सोयाबीन का आयात हुआ जो पिछले साल के इन्हीं महीनों के आयात 271.50 लाख टन से 14.6 प्रतिशत कम रहा।
चीन में पहले ब्राजील के बाद अमरीका से सोयाबीन का सर्वाधिक आयात हो रहा था मगर अब टैरिफ बार के कारण अमरीकी सोयाबीन का आयात ठप्प पड़ गया है।
वैसे ब्राजील इस कमी को पूरा करने की कोशिश की जा रही है। समझा जाता है कि मई-जून के दौरान चीन में सोयाबीन का आयात बढ़ सकता है और इसका औसत मासिक आयात 110 लाख टन के आसपास पहुंच सकता है।
उधर ब्राजील की अनाज निर्यातक संस्था ने कहा है कि मई में देश से सोयाबीन का कुल निर्यात घटकर 126 लाख टन पर अटक जाने की संभावना है इसलिए यह देखना आवश्यक होगा कि इसमें से चीन को कितना माल भेजा जाता है और शेष आयातक देशों को कितना शिपमेंट किया जाता है।
चीन ने अमरीकी उत्पादों पर 125 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगा रखा है। समीक्षकों के अनुसार 1 मई 2025 वाले सप्ताह के दौरान चीन के आयातक अमरीकी सोयाबीन बाजार से पूरी तरह दूर रहे।
