चार महीनों में बासमती चावल का निर्यात 15 प्रतिशत बढ़ा

09-Sep-2024 02:49 PM

नई दिल्ली । सऊदी अरब, ईरान, इराक एवं अमरीका जैसे देशों में मजबूत मांग के कारण भारत से चालू वित्त वर्ष के शुरूआती चार महीनों में यानी अप्रैल-जुलाई 2024 के दौरान बासमती चावल का निर्यात बढ़कर 2.036 अरब डॉलर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के निर्यात 1.774 अरब डॉलर से 15 प्रतिशत ज्यादा रहा।

समीक्षाधीन अवधि के दौरान बासमती चावल की निर्यात मात्रा भी 19 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ 19.17 लाख टन पर पहुंच गई। अप्रैल-जुलाई 2023 में देश से 16.09 लाख टन बासमती चावल का निर्यात हुआ था। विदेशों में इसकी अच्छी मांग बरकरार रही।

अखिल भारतीय चावल निर्यातक संघ (एरिया) के अध्यक्ष पश्चिम एशिया के परम्परागत आयातक देशों के साथ-साथ अमरीका में भी बासमती चावल के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी हो रही है।

अध्यक्ष महोदय ने सरकार से एक बार फिर बासमती चावल के लिए लागू 950 डॉलर प्रति टन के न्यूनतम निर्यात मूल्य (मेप) को वापस लेने का आग्रह करते हुए कहा है कि देश में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है।

समीक्षाधीन अवधि के दौरान सऊदी अरब भारतीय बासमती चावल का सबसे प्रमुख खरीदार बना रहा। अप्रैल-जुलाई 2023 में उसने भारत से 3.03 लाख टन चावल मंगाया था जो वर्ष 2024 के इन्हीं महीनों में करीब 26 प्रतिशत बढ़कर 3.81 लाख लाख टन पर पहुंच गया।

इसके फलस्वरूप वहां निर्यात से प्राप्त आमदनी भी 35.315 करोड़ डॉलर से 19 प्रतिशत बढ़कर 42.176 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई। ईरान दूसरे नम्बर पर रहा।

वहां भारत से बासमती चावल के निर्यात की मात्रा 3.33  लाख टन से 6 प्रतिशत बढ़कर 3.55 लाख टन पर तथा निर्यात से प्राप्त आमदनी 38.588 करोड़ डॉलर से 4 प्रतिशत सुधरकर 34.90 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई।

ईरान ने अब तीन माह के लिए बासमती चावल के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है जो अक्टूबर के अंत तक बरकरार रहने की संभावना है। इसका मतलब यह है कि अब वहां नवम्बर 2024 से ही बासमती चावल का आयात पुनः शुरू होगा।