चावल सहित अन्य उत्पादों का निर्यात तथा खाद्य तेल सहित नई चीजों का आयात बढ़ा
17-Oct-2025 04:26 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि सितम्बर 2024 की तुलना में सितम्बर 2025 के दौरान भारत से चावल का कुल निर्यात 33.37 प्रतिशत बढ़कर 92.488 करोड़ डॉलर पर पहुंचा और पॉल्ट्री तथा डेयरी क्षेत्र के उत्पादों का निर्यात भी 32 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 56.819 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया।
इसके अलावा चाय की निर्यात आय 22 प्रतिशत बढ़कर 10.66 करोड़ डॉलर तथा 58 प्रतिशत बढ़कर 2.585 करोड़ डॉलर तथा काजू का निर्यात 106 प्रतिशत उछलकर 4.24 करोड़ डॉलर पर पहुंचा। समुद्री उत्पादों का निर्यात भी 23 प्रतिशत बढ़कर 78.102 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया।
दूसरी ओर समीक्षाधीन अवधि के दौरान भारत से मसालों का कुल निर्यात 5 प्रतिशत गिरकर 31.657 करोड़ डॉलर ऑयल मील का निर्यात 9 प्रतिशत गिरकर 11.097 करोड़ डॉलर तथा तिलहनों का निर्यात करीब 2 प्रतिशत फिसलकर 7.159 करोड़ डॉलर पर अटक गया। पेट्रोलियम उत्पादों तथा गहने-जेवरातों के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
जहां तक भारत में आयात का सवाल है तो सितम्बर 2024 के मुकाबले सितम्बर 2025 के दौरान वनस्पति तेलों का आयात 53 प्रतिशत उछलकर 1.74 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
इसी तरह रूई एवं वैस्ट का आयात करीब 24 प्रतिशत बढ़कर 16.623 करोड़ डॉलर तथा फलों- सब्जियों का आयात 36 प्रतिशत बढ़कर 38.93 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। सोने के आयात में 107 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल आया और चांदी का आयात भी 139 प्रतिशत बढ़ गया।
लेकिन समीक्षाधीन अवधि के दौरान दलहनों का आयात 55 प्रतिशत घटकर 19.079 करोड़ डॉलर तथा खनिज तेल क्रूड (पेट्रोलियम) का आयात 6 प्रतिशत गिरकर 14.03 अरब डॉलर पर सिमट गया। कुछ खनिजों के आयात में भी कमी आई।
समीक्षकों का कहना है कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष सितम्बर माह के दौरान दलहनों के वैश्विक बाजार मूल्य में काफी कमी आ गई और भारत में चना तथा मसूर का आयात तेजी से नहीं बढ़ा। लेकिन त्यौहारी सीजन के कारण खाद्य तेलों के आयात में बढ़ोत्तरी हुई और इसलिए आयात का खर्च काफी बढ़ गया।
