छत्तीसगढ़ में धान की सरकारी खरीद 9 लाख टन के करीब पहुंची
26-Nov-2024 03:05 PM
रायपुर । केन्द्रीय पूल में चावल का योगदान देने वाले एक अग्रणी राज्य- छत्तीसगढ़ में 14 नवम्बर से धान की सरकारी खरीद का अभियान आरंभ हो गया और 25 नवम्बर तक वहां 1.91 लाख किसानों से करीब 8.95 लाख टन धान खरीदा गया।
किसानों को अब तक 1575.16 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। राज्य में धान की खरीद का अभियान 31 जनवरी 2025 तक जारी रहेगा।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचने के लिए छत्तीसगढ़ में 27.68 लाख किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है जिसमें 1.45 लाख नए किसान भी शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ में इस वर्ष 160 लाख टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और इसके लिए पूरे राज्य में 2739 क्रय केन्द्र खोले गए हैं। इससे किसानों को अपना उत्पाद बेचने के लिए दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 25 नवम्बर को एक ही दिन में 47296 किसानों से 2.17 लाख टन धान खरीदा गया जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकारी उपार्जन केन्द्रों पर धान की आवक लगातार बढ़ती जा रही है और आगामी समय में इसकी खरीद की रफ्तार तेज रहेगी।
राज्य में प्रति दिन 50 हजार से अधिक किसानों को टोकन जारी किए जा रहे हैं और किसान भी क्रय केन्द्रों पर अपना उत्पाद लाने में भारी सक्रियता दिखा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ अब पंजाब के बाद केन्द्रीय पूल में चावल का योगदान देने वाला दूसरा सबसे प्रमुख राज्य बन गया है। वहां धान के उत्पादन में नियमित रूप से भारी बढ़ोत्तरी हो रही है और किसानों को ऊंचे समर्थन मूल्य का फायदा भी मिल रहा है।
राज्य सरकार की अधीनस्थ एजेंसियां धान की निर्बाध खरीद सुनिश्चित करने के लिए हर संभव उपाय कर रही है और खाद्य विभाग के अधिकारी कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को धान का कोटा आवंटित कर रहे हैं। सरकारी क्रय केन्द्रों पर खरीदे जा रहे धान का उठाव भी नियमित रूप से हो रहा है।
