एफसीआई की एथेनॉल निर्माताओं को चावल बिक्री सुस्त, जबकि आपूर्ति वर्ष खत्म होने में दो माह बाकी
27-Aug-2025 09:30 AM
एफसीआई की एथेनॉल निर्माताओं को चावल बिक्री सुस्त, जबकि आपूर्ति वर्ष खत्म होने में दो माह बाकी
★ फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) ने 2024-25 एथेनॉल आपूर्ति वर्ष (नवंबर-अक्टूबर) में अब तक एथेनॉल उत्पादन के लिए डिस्टिलर्स को केवल 22 लाख टन चावल बेचा है, जो निर्धारित 52 लाख टन के लक्ष्य का मात्र 42% है।
★ अभी केवल दो महीने शेष, लेकिन चावल की उठाव बेहद कमजोर।
★ औसतन रोजाना लगभग 12,000 टन चावल की ही उठाव हो रहा है। इस गति से अगले 60-65 दिनों में शेष 18 लाख टन चावल की बिक्री संभव नहीं है।
डिस्टिलर्स को अब तक लगभग 40 लाख टन चावल के अलॉटमेंट लेटर जारी किए गए हैं। शेष 18 लाख टन चावल की बिक्री समय पर पूरी करने के लिए औसतन रोजाना 30,000-40,000 टन की उठाव जरूरी होगी।
★ एथेनॉल उत्पादन के लिए चावल की उठाव सुस्त रहने का मुख्य कारण परिचालन संबंधी दिक्कतें हैं, जिनमें अलॉटमेंट की घोषणा में देरी और लेटर जारी करने में देर शामिल है।
★ सरकार ने सरकारी गोदामों में पड़े अतिरिक्त चावल के भारी स्टॉक को खपाने के लिए एथेनॉल उत्पादन के लिए चावल का आवंटन 28 लाख टन बढ़ाकर कुल 52 लाख टन कर दिया था। हालांकि, 2024-25 आपूर्ति वर्ष अक्टूबर में समाप्त हो रहा है और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने एथेनॉल सप्लाई के नए ऑर्डर बंद कर दिए हैं।
★ ऐसे में आने वाले दिनों में डिस्टिलर्स की मांग बढ़ने की संभावना कम है।
★ वर्तमान में एफसीआई डिस्टिलर्स को चावल 2,250 रुपये प्रति 100 किलो की सब्सिडी वाली दर पर दे रही है, जबकि एफसीआई की आर्थिक लागत 3,975 रुपये प्रति 100 किलो है।
★ नवंबर 2025 से शुरू होने वाले अगले एथेनॉल आपूर्ति वर्ष में भी सरकार ने 52 लाख टन चावल आवंटित किया है। हालांकि, नई दर 2,320 रुपये प्रति 100 किलो होगी।
