एमएसपी पर फसलों की खरीद के लिए प्रभावशाली नीतिगत उपायों की जरूरत
17-Oct-2025 05:27 PM
मुम्बई। स्वदेशी वनस्पति तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के एक अग्रणी संगठन- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) के अध्यक्ष ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर विभिन्न फसलों की सामयिक खरीद सुनिश्चित करने के लिए प्रभावशाली नीतिगत उपायों को बेहतर ढंग से क्रियान्वित किए जाने की जरूरत पर जोर दिया है।
केन्द्र सरकार द्वारा रबी सीजन की छह प्रमुख फसलों- गेहूं, जौ, चना, मसूर एवं सरसों, नाइजर सीड के एमएसपी में अच्छी बढ़ोत्तरी की गई है जिसका एसोसिएशन ने स्वागत किया है लेकिन उसने विभिन्न फसलों की खरीद इस एमएसपी पर सुनिश्चित करने के लिए ठोस उपाय करने का आग्रह भी किया है।
खरीफ कालीन तिलहन फसलों और खासकर सोयाबीन तथा मूंगफली का थोक मंडी भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी नीचे आ गया है और सरकारी खरीद के अभाव में किसानों को औने-पौने दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
ऐसी हालत में उन किसानों के लिए ऊंचे एमएसपी का कोई मतलब नहीं है क्योंकि वह इसका लाभ नहीं उठा पा रहा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य में नियमित रूप से इजाफा करना सरकार का एक बेहतरीन निर्णय है
लेकिन साथ ही साथ उसे यह भी देखना चाहिए कि किसानों को उसका फायदा प्राप्त हो सके। आमतौर पर छोटे-छोटे किसान जल्दी-जल्दी अपना उत्पाद बेचने का प्रयास करते हैं क्योंकि उनके पास लम्बे समय तक स्टॉक को रखने की क्षमता नहीं होती है।
सरसों का बाजार भाव किसानों के लिए पहले से ही लाभप्रद स्तर पर चल रहा है जबकि सरकार ने इसके एमएसपी में अच्छी बढ़ोत्तरी कर दी है।
इसके फलस्वरूप रबी सीजन की इस सबसे महत्वपूर्ण तिलहन फसल की खेती में किसानों का उत्साह एवं आकर्षण और भी बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार को अगले साल सरसों की नई फसल की खरीद जल्दी से जल्दी शुरू करने के लिए तैयार रहना चाहिए। एमएसपी को सार्थक बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
