एमएसपी पर किसानों से 14.75 लाख टन से अधिक सोयाबीन की खरीद

18-Feb-2025 10:51 AM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा 2024-25 के वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन में 11 फरवरी 2025 तक मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत किसानों से 14.75 लाख टन से कुछ अधिक सोयाबीन की खरीद की गई।

इसमें से लगभग आधे भाग की खरीदारी महाराष्ट्र में हुई जबकि शेष सोयाबीन की खरीद मध्य प्रदेश एवं राजस्थान सहित अन्य उत्पादक प्रांतों में की गई।

सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बार 4892 रुपए प्रति क्विंटल नियत हुआ है और उसी मूल्य पर किसानों से खरीदारी की गई।  

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अकेले महाराष्ट्र  में इस बार 8.36 लाख टन से ज्यादा सोयाबीन की रिकॉर्ड खरीद हुई है जबकि मध्य प्रदेश में भी 3.88 लाख टन से अधिक की खरीदारी की गई।

उसके अलावा राजस्थान में 98,866 टन तथा तेलंगाना में 83 हजार टन की खरीद हुई। इसी तरह गुजरात में 48 हजार टन तथा कर्नाटक में 18,282 टन सोयाबीन खरीदी गई। अधिकांश उत्पादक राज्यों में सोयाबीन की सरकारी खरीद का अभियान समाप्त हो चुका है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा नवम्बर 2024 में जारी प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार 2024-25 के सीजन में राष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन का उत्पादन सुधरकर 133.60 लाख टन पर पहुंचा जो 2023-24 सीजन के उत्पादन 130.62 लाख टन से 3 लाख टन ज्यादा है।

सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- मध्य प्रदेश की मंडियों में 17 फरवरी को सोयाबीन का मॉडल मूल्य नीचे में 3700 रुपए से लेकर ऊपर में 4700 रुपए प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया। 

इंदौर स्थित संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के आंकड़ों से पता चलता है कि अक्टूबर 2024 से जनवरी 2025 के चार महीनों में करीब 42.50 लाख टन सोयाबीन की क्रशिंग हुई जो 2023.24 सीजन की समान अवधि की क्रशिंग 47 लाख टन से करीब 10 प्रतिशत कम रही।

जनवरी के अंत में करीब 37.40 लाख टन सोयाबीन का स्टॉक बचा हुआ था। सोपा ने 2024-25 के सीजन में 125.82 लाख टन सोयाबीन के घरेलू उत्पादन का अनुमान लगाया है।