एथनॉल के मूल्य की समीक्षा करने की सिफारिश
07-May-2026 08:08 PM
नई दिल्ली। सरकार द्वारा 2026-27 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए गन्ना का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 10 रुपए बढ़ाकर 365 रुपए प्रति क्विंटल नियत किए जाने के बाद कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) ने गन्ना अवयवों से निर्मित होने वाले एथनॉल के दाम की समीक्षा करने तथा इसमें आनुपातिक रूप से इजाफा करने की सिफारिश की है।
आयोग का कहना है कि गन्ना का एफआरपी बढ़ने से चीनी तथा एथनॉल के उत्पादन का लागत खर्च ऊंचा हो जाएगा इसलिए एथनॉल के बिक्री मूल्य की समीक्षा की जानी चाहिए। दिलचस्प तथ्य यह है कि गन्ना के एफआरपी में भी वृद्धि आयोग की सिफारिश पर ही की गई है।
इसके साथ-साथ आयोग ने सरकार को चीनी के दोहरे स्तर का दाम निर्धारित करने की संभावाओं की तलाश करने और उसकी लाभप्रदत्ता का पता लगाने का भी सुझाव दिया है। आयोग का कहना है कि अगर घरेलू उपयोग तथा औद्योगिक / व्यावसायिक इस्तेमाल वाली चीनी का मूल्य अलग-अलग नियत किया जाए
तो इसका क्या असर (परिणाम) सामने आ सकता है, उसका आंकलन करना चाहिए। यदि इससे लाभप्रद स्थिति बनती है तो इस उपाय को लागू किया जा सकता है। इससे चीनी उद्योग एवं आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है मगर उद्योग पर भार बढ़ सकता है।
