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28-Oct-2026 04:24 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने कहा है कि पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण का स्तर 20 प्रतिशत से आगे बढ़ाने का फिलहाल सरकार का कोई इरादा नहीं है और न ही इस आशय के किसी प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। वैसे भी 2026-27 के मार्केटिंग सीजन के लिए सरकार ने एथनॉल निर्माण में गन्ना जूस, शुगर सीरप एवं बी-हैवी शीरा के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है जिससे एथनॉल के सकल उत्पादन में भारी कमी आ जाएगी।
पेट्रोलियम मंत्री का कहना है कि जैव ईंधन के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण को बरकरार रखने के पीछे सरकार का उद्देश्य देश में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा स्रोत का विस्तार करना तथा विदेशों से क्रूड खनिज तेल के विशाल आयात पर निर्भरता घटाना है। भारत को सर्वाधिक बहुमूल्य विदेशी मुद्रा पेट्रोलियम के आयात पर भी खर्च करना पड़ता है।
पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का कार्यक्रम इन दोनों लक्ष्यों को हासिल करने में मदद कर रहा है और इससे बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत करने में सहायता मिल रही है। एथनॉल के 20 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में हासिल हो फिलहाल इस लक्ष्य को बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। 2026-27 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) में एथनॉल का घरेलू उत्पादन कम होना भी लक्ष्य में वृद्धि नहीं करने का एक कारण हो सकता है।