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28-Oct-2026 05:48 PM
मुम्बई। घरेलू प्रभाग में उत्पादन घटने तथा भाव काफी ऊंचे स्तर पर रहने से एक बार फिर 2026-27 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में सोयाबीन का भारी भरकम आयात होने की उम्मीद है।
इंदौर स्थित संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के अनुसार 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान भारत में सोयाबीन का आयात तेजी से बढ़कर 11 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया जबकि 2024-25 के सीजन में इसका नगण्य (करीब 2 हजार टन) आयात हुआ था। घरेलू बाजार भाव अत्यन्त ऊंचा होने से क्रशिंग- प्रोसेसिंग इकाइयों को 2025-26 के सीजन में सोयाबीन का जोरदार आयात करना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि भारत में केवल परम्परागत या गैर जीएम श्रेणी के सोयाबीन के आयात की अनुमति दी गई है इसलिए मिलर्स / प्रोसेसर्स अर्जेन्टीना, ब्राजील एवं अमरीका जैसे देशों से सोयाबीन मंगाने से हिचकते और इसके बजाए बेनिन, नाइजर, टोगो एवं नाइजीरिया जैसे अफ्रीकी देशों से इसका आयात करते हैं क्योंकि वहां जीएम सोयाबीन का उत्पादन नहीं होता है। 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में नाइजर भारत को सर्वाधिक मात्रा में सोयाबीन की आपूर्ति करने वाले देश के रूप में उभरकर सामने आया। वहां से 4.30 लाख टन से अधिक सोयाबीन मंगाया गया।
नाइजर से हुए सोयाबीन के इस भारी-भरकम आयात से भारतीय सीमा शुल्क, विभाग के अधिकारियों को कुछ संदेह हो गया और उन्होंने इसकी जांच-पड़ताल शुरू कर दी अधिकारियों को शक है कि सोयाबीन की खेप वस्तुतः नाइजरिया से मंगाई गई है लेकिन इस पर नाइजर से हुए आयात का लेवल लगाकर टैक्स से बचने का प्रयास किया गया। जांच पड़ताल पूरा होने के बाद ही इस मामले में असलियत का खुलासा हो पाएगा।
सोपा के मुताबिक भारत से सोयामील का निर्यात 2024-25 की तुलना में 2025-26 के दौरान लगभग आधा घटकर 10 लाख टन के आसपास अटक गया क्योंकि इसका ऑफर मूल्य प्रतिस्पर्धी नहीं था।