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28-Oct-2026 06:09 PM
घरेलू दाल मिलों की मांग बढ़ने से दिल्ली बाजार में देसी मसूर की कीमतों में आज 50 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई, जबकि बंदरगाहों पर आयातित मसूर के भाव स्थिर बने रहे।
पिछले सप्ताह मसूर की कीमतों में एकतरफा मंदी के बाद नीचे भावों पर मांग निकलने से बाजार में सुधार आया है। हालांकि, आयातित मसूर की नियमित आवक और कनाडा में उत्पादन के बेहतर अनुमान के चलते बड़ी तेजी की संभावना सीमित है। मसूर दाल की खपत का सीजन शुरू होने से बिहार, बंगाल और असम में नवंबर के अंत तक मांग बने रहने की उम्मीद है।
घरेलू दाल मिलों में आयातित मसूर का उपयोग अधिक होने से इसकी मांग को भी समर्थन मिल रहा है। पिछले सप्ताह बंदरगाहों पर करीब 97,259 टन आयातित मसूर पहुंची थी। ऑस्ट्रेलिया के साथ कनाडा में भी मसूर उत्पादन का अनुमान बेहतर रहने से घरेलू बाजार में आयातित माल की उपलब्धता बनी रहने की संभावना है।
बाजार दृष्टिकोण: नीचे भावों पर घरेलू मांग से देसी मसूर की कीमतों को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, आयातित मसूर की पर्याप्त उपलब्धता और विदेशी उत्पादन के बेहतर अनुमानों के कारण तेजी सीमित रहने की संभावना है।