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28-Oct-2026 04:49 PM
मास्को। काला सागर क्षेत्र के बंदरगाहों तथा जलमार्ग से आने-जाने वाले जहाजों पर लगातार हो रहे हमले के कारण रूस तथा यूक्रेन से गेहूं के निर्यात शिपमेंट में भारी बाधा पड़ रही है। उल्लेखनीय है कि इन दोनों देशों का 70 प्रतिशत से अधिक समुद्री कारोबार काला सागर के माध्यम से ही होता है। रूस तथा यूक्रेन द्वारा एक-दूसरे के बंदरगाहों एवं जहाजों पर लगातार आक्रमण किए जाने से यह महत्वपूर्ण व्यापारिक जलमार्ग लगभग बन्द हो गया है।
रूस दुनिया में गेहूं का सबसे प्रमुख निर्यातक और तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। दुनिया के अनेक देश रूस से गेहूं के आयात पर काफी हद तक आश्रित है।
खाड़ी क्षेत्र के अनेक देश भी रूस से भारी मात्रा में गेहूं मंगाते हैं। दक्षिण एशिया में बांग्ला देश रूसी गेहूं का सबसे बड़ा खरीदार है। रूस से शिपमेंट में बाधा पड़ने के कारण इन देशों को गेहूं आयात के लिए नए विकल्पों पर ध्यान देना पड़ रहा है।
अफ्रीकी देश- मिस्र परम्परागत रूप से रूसी गेहूं का सबसे प्रमुख आयातक है। वह अन्य देशों से गेहूं मंगाने के बजाए काला सागर क्षेत्र में स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहा है। रूस का गेहूं सबसे सस्ते दाम पर उपलब्ध रहता है इसलिए अनेक देश इसकी खरीद को विशेष प्राथमिकता देते हैं। यूक्रेन भी गेहूं का एक महत्वपूर्ण निर्यातक देश है लेकिन वहां से इसकी आपूर्ति में गंभीर बाधा देखी जा रही है।
बंदरगाहों पर बुनियादी ढांचागत सुविधाएं लगातार क्षतिग्रस्त हो रही है जिससे आने वाले समय में भी वहां से निर्यात शिपमेंट बाधित होने की आशंका है। रूस-यूक्रेन अन्य मार्गों से थोड़ी-बहुत मात्रा में गेहूं का निर्यात कर रहे हैं इसलिए वैश्विक बाजार में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का भाव ऊंचा एवं मजबूत बना हुआ है।