एथनॉल निर्माण में बढ़ते उपयोग से चीनी की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका

14-May-2025 03:58 PM

मुम्बई। पेट्रोल में अधिक से अधिक मिश्रण के लिए सरकार एथनॉल का उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है और इसलिए एथनॉल निर्माण में चीनी का उपयोग बढ़ाया जा रहा जिससे खाद्य तथा औद्योगिक उद्देश्य के लिए इस मीठी वस्तु की आपूर्ति एवं उपलब्धता घटने तथा कीमत ऊंची रहने की संभावना है।

सरकार पेट्रोल में एथनॉल का मिश्रण 30 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्लान बना रही है ताकि विदेशों से क्रूड खनिज तेल (पेट्रोलियम) का आयात घटाया जा सके।

इससे पूर्व 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य रखा गया था जो वर्ष 2025 में हासिल होने की उम्मीद है। 30 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एथनॉल के निर्माण में गन्ना का उपयोग तेजी से बढ़ाने की आवश्यकता पड़ेगी जिससे चीनी के उत्पादन में स्वाभाविक रूप से गिरावट आ जाएगी। 

वर्ष 2022 से ही गन्ना के घरेलू उत्पादन में गिरावट का रूख देखा जा रहा है जिससे चीनी उत्पादन के प्रति चिंता और बढ़ गई है। किसानों को प्रेरित- प्रोत्साहित करने के लिए केन्द्र सरकार ने 2024-25 की तुलना में 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए गन्ना का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 340 रुपए प्रति क्विंटल से 15 रुपए बढ़ाकर 355 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर दिया। अगर गन्ना की पैदावार में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई तो ठीक है अन्यथा चीनी का उत्पादन एक बार फिर घट सकता है। 

2023-24 सीजन के मुकाबले 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान चीनी का घरेलू उत्पादन करीब 60 लाख टन घटकर 260 लाख टन के आसपास सिमट जाने की संभावना है।

इस बार उद्योग के पास चीनी का विशाल पिछला बकाया स्टॉक मौजूद था इसलिए 280-290 लाख टन की घरेलू जरूरत को पूरा करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।

सरकार ने 10 लाख टन चीनी का निर्यात कोटा भी घोषित कर रखा है। लेकिन अगले मार्केटिंग सीजन के लिए उद्योग के पास पिछले बकाया स्टॉक काफी कम रह जाएगा और तब घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने में कठिनाई उत्पन्न हो सकती है। 

गन्ना का घरेलू उत्पादन 2016-17 के सीजन में घटने के बाद लगातार बढ़ता रहा और 2022-2023 में यह उछलकर करीब 49 करोड़ टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। लेकिन उसके बाद पैदावार में गिरावट का दौर शुरू हो गया।

2024-25 के सीजन में उत्पादन घटकर 43.50 करोड़ टन के करीब रह गया। यह देखना दिलचस्प होगा कि 2025-26 के सीजन में उत्पादन का प्रदर्शन कैसा रहता है

क्योंकि उसके आधार पर ही चीनी का उत्पादन एवं भाव निर्भर करेगा और एथनॉल निर्माण में गन्ना के उपयोग की अनुमति देने के लिए सरकार को दिशा मिल सकेगी।