एथनॉल निर्माण में मक्का के बढ़ते उपयोग से पॉल्ट्री फीड उद्योग की चिंता बढ़ी

04-Dec-2024 07:18 PM

हैदराबाद । एथनॉल उत्पादन बढ़ाने के लिए मक्का का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाने लगा है जिससे पॉल्ट्री फीड निर्माताओं सहित अन्य खपतकर्ता उद्योगों की चिंता बढ़ने लगी है क्योंकि उसके लिए कच्चे माल की आपूर्ति एवं उपलब्धता सीमित हो जाएगी  और मक्का का दाम ऊंचा एवं तेज रहेगा। घरेलू उत्पादन इतना नहीं हो रहा है कि वह एथनॉल एवं पॉल्ट्री फीड सहित अन्य सेक्टर्स की मांग एवं जरूरत को सुगमता से पूरा कर सके। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार इस वर्ष खरीफ सीजन में मक्का का बिजाई क्षेत्र बढ़कर 88.06 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो पिछले साल के क्षेत्रफल 84.65 लाख हेक्टेयर से 3.41 लाख हेक्टेयर अधिक रहा।

मंत्रालय ने अपने प्रथम अग्रिम अनुमान में मक्का का घरेलू उत्पादन गत वर्ष के 222.45 लाख टन से करीब 23 लाख टन बढ़कर इस बार 245.41 लाख टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की है।

यह अतिरिक्त उत्पादन भी एथनॉल निर्माण उद्योग की मांग को पूरा नहीं कर पाएगा। मक्का की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने तथा कीमत ऊंची रहने से इसका निर्यात प्रदर्शन लगातार कमजोर पड़ता जा रहा है और स्टार्च निर्माताओं की भी परेशानी बढ़ रही है।

मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2225 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है मगर बाजार भाव इससे भी ऊंचा चल रहा है।

सरकार विदेशों से मक्का के शुल्क  मुक्त आयात की अनुमति देने से हिचक रही है। हालांकि म्यांमार से इसका आयात हुआ है मगर वहां स्टॉक सीमित रहता है।

यदि सरकार अर्जेन्टीना, ब्राजील या अमरीका से जीएम मक्का का आयात नहीं चाहती है तो उसे यूक्रेन से आयात बढ़ाने पर विचार करना होगा जहां परम्परागत किस्म का उत्पादन होता है।