गेहूं की बुवाई में देरी से उपज पर असर, किसान चिंतित
04-Dec-2024 10:00 AM
धान की खरीदारी की परेशानियों का सामना करने के बाद अब किसान गेहूं की फसल को लेकर चिंतित।
इस वर्ष बुवाई में देरी उपज को प्रभावित कर सकती है।
बुवाई में देरी से फसल की उत्पादकता पर असर पड़ सकता है क्योंकि इससे कटाई का समय बढ़ जाएगा, जिससे फसल गर्मी की स्थिति का सामना करेगी और अनाज सिकुड़ सकता है।
इस वर्ष बुवाई में देरी के कई कारण, जिनमें धन की कटाई में देरी, डायमोनियम फास्फेट (DAP) उर्वरक की कमी और उच्च तापमान शामिल हैं।
देर से बुवाई का मतलब कम उपज है। एक हफ्ते की देरी से दो क्विंटल कम उपज होती है।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने कहा कि हालांकि गेहूं की बुवाई 30 नवंबर तक होनी चाहिए, कुछ किस्मों की बुवाई दिसंबर और जनवरी में भी की जा सकती है।
