गेहूं की कुल सरकारी खरीद 30 लाख टन के पार पहुंची
14-Apr-2025 04:52 PM
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा में भी बेहतर प्रदर्शन की बदौलत गेहूं की सरकारी खरीद 30 लाख टन से ऊपर पहुंच गई है जबकि पंजाब सहित अन्य राज्यों में खरीद की रफ्तार शीघ्र ही जोर पकड़ने की उम्मीद है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चालू रबी मार्केटिंग सीजन में 12 अप्रैल 2025 तक केन्द्रीय पूल के लिए 31 लाख टन से अधिक गेहूं खरीदा गया जो पिछले साल की समान अवधि की खरीद 17 लाख से काफी अधिक है।
शानदार घरेलू उत्पादन की उम्मीद को देखते हुए सरकार ने इस वर्ष 313 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है और देश के सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार तथा गुजरात में खरीद की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है।
केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार 12 अप्रैल तक मध्य प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद उछलकर 27 लाख टन पर पहुंच गई जो गत वर्ष की इसी तिथि तक की खरीद 12 लाख टन के दोगुने से भी ज्यादा है।
इसके अलावा राजस्थान में करीब 2.03 लाख टन तथा उत्तर प्रदेश में 1.42 लाख टन से कुछ अधिक गेहूं की सरकारी खरीद हो गई।
उल्लेखनीय है कि गेहूं की खरीद पर इस बार किसानों को 2425 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मध्य प्रदेश में 175 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजस्थान में 150 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की गई है।
पिछले साल 12 अप्रैल तक राजस्थान में करीब 53 हजार टन तथा उत्तर प्रदेश में 1.16 लाख टन से कुछ अधिक गेहूं खरीदा गया था।
पंजाब तथा हरियाणा में 1 अप्रैल 2025 से गेहूं की खरीद का सीजन औपचारिक तौर पर आरंभ हुआ है और अब मंडियों में तथा सरकारी क्रय केन्द्रों पर इस खाद्यान्न की आपूर्ति बढ़ने लगी है।
वैसे इन राज्यों में सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ व्यापारिक फर्मों एवं फ्लोर मिलर्स द्वारा भी गेहूं की खरीद में भारी सक्रियता दिखाई जा रही है।
पंजाब में 12 अप्रैल तक केवल 2909 टन गेहूं खरीदा गया। वहां 13 अप्रैल को बैसाखी का पर्व सम्पन्न हो गया इसलिए अब गेहूं की जोरदार आपूर्ति शुरू हो जाने की संभावना है।
पंजाब केन्द्रीय पूल में गेहूं का सर्वाधिक योगदान देने वाला राज्य है। हरियाणा में 12 अप्रैल तक 15,204 टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई। आगामी समय में आपूर्ति की रफ्तार तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
