गेहूं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध

10-Jun-2025 08:18 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने गेहूं का घरेलू उत्पादन 2023-24 सीजन के 1132.90 लाख टन से बढ़कर 2024-25 के रबी सीजन में 1175.10 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है।

इसके आधार पर खाद्य मंत्रालय की सोच पर है कि देश में गेहूं का जरूरत से ज्यादा भंडार मौजूद है और इसलिए इसकी कीमतों में तेजी की गुंजाईश नहीं बनती है।

लेकिन जब मई के अंतिम सप्ताह से ही गेहूं का भाव बढ़ना शुरू हो गया तब खाद्य मंत्रालय ने तत्काल आवश्यक एहतियाती कदम उठाते हुए इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न पर भंडारण सीमा का आदेश लागू कर दिया। गेहूं के बाजार पर इस आदेश का कुछ हद तक मनोवैज्ञानिक असर भी देखा जा रहा है।

सरकार के पास 5 जून को 364 लाख टन से अधिक गेहूं का भंडार मौजूद था जो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना सहित अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों में आपूर्ति के लिए पर्याप्त है।

1 अप्रैल 2026 को केन्द्रीय पूल में कम से कम 75.80 लाख टन गेहूं का स्टॉक उपलब्ध रहना चाहिए। यह स्टॉक भी बचा रहेगा। इसके अलावा सरकार के पास खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत अपने भंडार से 50-60 लाख टन गेहूं उतारने की सुविधा भी रहेगी।

लेकिन इस योजना को शुरू करने से पूर्व सरकार व्यापारियों / स्टॉकिस्टों का गेहूं बाजार में उतरते देखना चाहेगी ताकि सरकारी स्टॉक पर कम दबाव पड़े। इससे बाजार में गेहूं की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ने तथा कीमतों पर अंकुश लगाने में सहायता मिलेगी।