गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने में संदेह
14-Feb-2025 08:29 PM
नई दिल्ली । हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस बार गेहूं के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है और जनवरी तक कमोबेश मौसम की हालत भी अनुकूल बनी हुई थी लेकिन फरवरी का मौसम खलनायक बनता जा रहा है।
एक तो प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में वर्षा का अभाव बना हुआ है और दूसरे, तापमान ऊंचा होने से धूप एवं गर्मी बढ़ती जा रही है।
इससे खेतों की मिटटी में नमी का अंश घटता जा रहा है। यह मौसम गेहूं की उपज दर एवं क्वालिटी को प्रभावित कर सकता है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार 2023-24 के रबी सीजन में देश के अंदर करीब 1132.90 लाख टन गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ जबकि 2024-25 के वर्तमान सीजन में उत्पादन और भी बढ़कर 1150 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है। हकीकत में यह आंकड़ा बहुत ऊंचा है।
उद्योग-व्यापार क्षेत्र के अनुसार पिछले साल 1020-1040 लाख टन के बीच गेहूं का घरेलू उत्पादन हुआ जबकि इस बार मौसम की हालत पूरी तरह अनुकूल रहने पर उत्पादन में कुछ बढ़ोत्तरी नहीं हुई तो ऊंचे बाजार भाव को देखते हुए इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की सरकारी खरीद एक बार फिर प्रभावित हो सकती है।
ऐसी हालत में गेहूं के बाजार में तेजी को नियंत्रित करने में सरकार को भारी कठिनाई हो सकती है। कहीं-कहीं अगैती फसल की कटाई मार्च में शुरू होने की संभावना है जबकि अप्रैल से रफ़्तार बढ़ जाएगी।
