गेहूं निर्यात खोले जाना व उसका बाजारों पर असर
14-Feb-2026 11:06 AM
गेहूं निर्यात खोले जाना व उसका बाजारों पर असर
★ बीते दिन (13 फरवरी 2026 को) सरकार ने 25 लाख टन गेहूं और अतिरिक्त 5 लाख टन गेहूं उत्पाद निर्यात की मंजूरी दी। जिसका असर बाजारों में अभी तक नहीं दिखा। 13 फरवरी 2026 को दिल्ली गेहूं 2740 पर खुला हुआ और 10 रुपए की गिरावट के साथ शाम को 2730 पर बंद हुआ था। आज भी दिल्ली गेहूं 2730 रुपए प्रति क्विंटल पर खुला। इससे स्पष्ट होता कि निर्यात खोले जाने का बाजारों पर क्या असर पड़ा।
★ विदेशी गेहूं के भाव 240-250$/टन जबकि भारतीय गेहूं के एफओबी भाव 280-300$/टन के आसपास, तो ऐसे में भारत से कौन करेगा गेहूं का आयात।
★ केंद्रीय पूल में 10 फरवरी को गेहूं का स्टॉक 250 लाख टन से ऊपर और साथ ही OMSS के तहत भी बिक्री जारी है, कुछ समय पहले सरकार ने गेहूं पर लगी स्टॉक लिमिट भी हटाई परन्तु इसका बाजारों पर कुछ असर नहीं दिखाई दिया।
★ केंद्रीय पूल में गेहूं का विशाल स्टॉक, साथ ही बम्पर फसल भी सामने ऐसे में गेहूं क्या बढ़ेगा?
★ आई ग्रेन इंडिया का मानना है कि गेहूं की कीमतों में विशेष तेजी की उम्मीद कम, बाजार इन्ही भावों पर स्थिर रह सकते हैं। नई फसल आने पर कीमतें MSP से नीचे भी जा सकती हैं।
महत्वपूर्ण सूचना:
उपरोक्त रिपोर्ट केवल जानकारी के लिए है। आई-ग्रेन इंडिया किसी भी प्रकार के लाभ या हानि की जिम्मेदारी नहीं लेता और न ही बाजार में किसी विशेष दिशा (तेजी या मंदी) का समर्थन करता है। कृपया कोई भी निर्णय अपने विवेक और समझदारी से लें।
