गुजरात में गेहूं उत्पादकों के लिए रजिस्ट्रेशन की अवधि 5 अप्रैल तक बढ़ी
21-Mar-2025 04:29 PM
अहमदाबाद। गुजरात सरकार ने गेहूं बेचने के इच्छुक किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन की समय सीमा 5 अप्रैल 2025 तक बढ़ा दिया है।
इससे उन उत्पादकों को राहत मिलेगी जो किसी कारणवश पिछली समय सीमा के अंदर अपना पंजीकरण करवाने में असफल रहे थे।
केवल पंजीकृत किसानों से ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की खरीद की जाएगी। केन्द्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2023-24 सीजन के 2275 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2024-25 सीजन के लिए 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
उल्लेखनीय है कि गुजरात में गेहूं उत्पादकों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 मार्च से आरंभ हुई थी और 16 मार्च को बंद हो गई। लम्बित ऑनलाइन पंजीकरण को पूरा किया जा रहा है और इसका बायोमैट्रिक सत्यापन भी किया जा रहा है।
हालांकि गुजरात सरकार ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि चालू रबी सीजन के दौरान राज्य में किसानों से कितनी मात्रा में गेहूं खरीदने का प्लान बनाया गया है क्योंकि पिछले तीन वर्षों की खरीद का अनुभव काफी कड़वा रहा है लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि इस बार खरीद की मात्रा बढ़ाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
गुजरात के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा 17 मार्च से 2425 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूं की खरीद की प्रक्रिया औपचारिक तौर पर आरंभ कर दी गई।
समझा जाता है कि खुला बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊंचा होने के कारण गुजरात के किसान सरकारी क्रय केन्द्रों पर अपना गेहूं बेचने के ज्यादा इच्छुक नहीं है इसलिए वहां रजिस्ट्रेशन की गति धीमी रही।
इसे देखते हुए सरकार को इसकी समय सीमा बढ़ाने के लिए विवश होना पड़ा। मध्य प्रदेश एवं राजस्थान जैसे प्रांतों में गेहूं उत्पादकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की गई है मगर उत्तर प्रदेश एवं गुजरात जैसे राज्यों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
गुजरात में भी कुछ अन्य राज्यों की भांति गेहूं की अगैती बिजाई वाली फसल जल्दी आ जाती है इसलिए वहां मार्च में ही इसकी सरकारी खरीद की प्रक्रिया आरंभ हो जाती है।
