गुजरात में ग्रीष्मकालीन फसलों का रकबा बढ़कर 1.05 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा

18-Feb-2025 02:01 PM

गांधीनगर । देश के पश्चिमी प्रान्त- गुजरात में ग्रीष्मकालीन या जायद सीजन की फसलों की जोरदार बिजाई जारी है।

राज्य कृषि विभाग के नवीनतम साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार चालू वर्ष के दौरान गुजरात में जायद फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 17 फरवरी तक बढ़कर 1.05 लाख हेक्टेयर के करीब पहुंच गया जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 1.01 लाख हेक्टेयर से करीब 4 हजार हेक्टेयर ज्यादा है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू सीजन के दौरान गुजरात में धान का उत्पादन क्षेत्र 53 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 55 हजार हेक्टेयर, बाजरा का बिजाई क्षेत्र 9 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 10 हजार हेक्टेयर तथा अनाजी फसलों का कुल क्षेत्रफल 63 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 66 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा मगर मक्का का रकबा 2 हजार हेक्टेयर से गिरकर 1 हजार हेक्टेयर रह गया। 

दलहन फसलों की बिजाई कुछ पीछे चल रही है। कमजोर बाजार भाव को देखते हुए किसान कुछ सतर्क हो गए हैं। दलहनों का कुल उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 2494 हेक्टेयर से गिरकर इस बार 2188 हेक्टेयर रह गया।

इसके तहत मूंग का बिजाई क्षेत्र 2288 हेक्टेयर से गिरकर 1833 हेक्टेयर पर अटक गया जबकि उड़द का रकबा 206 हेक्टेयर से सुधरकर 251 हेक्टेयर पर पहुंच गया। 

लेकिन तिलहन फसलों के क्षेत्रफल में कुल इजाफा हुआ और यह गत वर्ष के 5335 हेक्टेयर से सुधरकर इस बार 5805 हेक्टेयर पर पहुंच गया।

इसके तहत मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 2136 हेक्टेयर से बढ़कर 2488 हेक्टेयर तथा तिल का बिजाई क्षेत्र 3149 हेक्टेयर से सुधरकर 3317 हेक्टेयर पर पहुंचा। 

इसके अलावा वहां गन्ना का रकबा भी 2719 हेक्टेयर से सुधरकर 2951 हेक्टेयर पर पहुंचा जबकि राज्य में कहीं-कहीं ग्वार की खेती भी शुरू हो गई है। 

उपरोक्त फसलों के अलावा गुजरात में विस्तारित रबी या जायद सीजन के दौरान नई बागवानी फसलों की खेती भी होती है। वहां ग्रीष्मकालीन फसलों की बिजाई अभी भारी रहेगी। मौसम की हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।

जायद फसलों  की कटाई-तैयारी मई-जून में होती है और उसके बाद जून-जुलाई में मुख्य खरीफ फसलों की बिजाई आरंभ हो जाती है।