गुजरात में कपास एवं दलहन मिशन स्थापित करने का निर्णय
18-Feb-2025 06:53 PM
गांधीनगर। गुजरात सरकार ने राज्य में कपास एवं दलहन का उत्पादन दोगुना बढ़ाने के लिए प्रान्त स्तर पर मिशन गठित करने का निर्णय लिया है।
केन्द्र सरकार द्वारा आम बजट में इन दोनों जिंसों के लिए अलग-अलग मिशन बनाने की घोषणा किए जाने के बाद अब गुजरात सरकार ने अपने स्तर पर भी इसके गठन का फैसला किया है। गुजरात कपास का अग्रणी उत्पादक राज्य है जबकि वहां दलहनों का भी उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार केन्द्र सरकार ने 5 एफ विजन को मिशन में शामिल किया जिसमें फार्म टू फाइबर टू फैक्टरी टू फैशन टू फॉरेन सम्मिलित है। पिछले कुछ वर्षों से गुजरात में कपास का उत्पादन कमजोर पड़ा है।
उम्मीद के अनुरूप कपास की पैदावार में बढ़ोत्तरी नहीं होने से राज्य कृषि विभाग की चिंता बढ़ गई है। कृषि विभाग को आशंका है कि आगामी वर्षों के दौरान कपास के उत्पादन में गुजरात अपनी अग्रता गंवा सकता है जबकि महाराष्ट्र एवं तेलंगाना जैसे प्रान्त उससे आगे निकल सकते हैं।
गुजरात सरकार कपास का उत्पादन मौजूदा स्तर की तुलना में दोगुना बढ़ाना चाहती है राज्य सरकार इसके लिए न केवल केन्द्रीय अनुदान के अनुरूप कॉटन मिशन के लिए धान उपलब्ध करवाएगी बल्कि जरूरत पड़ने पर प्रांतीय संघ संसाधनों से अतिरिक्त कोष भी जुटाएगी।
कपास की भांति वहां दलहन उत्पादन संवर्धन के लिए भी मिशन गठित किया जाएगा और इसके तहत तुवर तथा मूंग की खेती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हालांकि गुजरात में अच्छी मात्रा में दलहनों का उत्पादन होता रहा है लेकिन पिछले कुछ वर्षों के दौरान वहां मांग को पूरा करने में कठिनाई होने लगी है।
अरहर का उत्पादन बढ़ाने का विशेष प्रयास किया जाएगा। उसके लिए भारत सरकार की धन धान्य कृषि योजना के अंतर्गत खास-खास जिलों की पहचान की जाएगी।
केन्द्रीय योजना में देश के 100 जिलों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है जहां फसल विविधिकरण, भंडारण सिंचाई तथा ऋण पहुंच जैसी बुनियादी जरूरतों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
