गन्ना की कम उपलब्धता से चीनी के उत्पादन में 18 प्रतिशत की गिरावट

16-May-2025 01:59 PM

नई दिल्ली। नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज (एनएफसीएसएफ) के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में 1 अक्टूबर 2024 से 15 मई 2025 के दौरान चीनी का घरेलू उत्पादन घटकर 257.50 लाख टन पर अटक गया जो 2023-24 सीजन की समान अवधि के उत्पादन 315.40 लाख टन से करीब 18 प्रतिशत कम है।

गन्ना की आपूर्ति एवं उपलब्धता में कमी आने तथा गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर नीचे रहने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। वर्षा के अभाव एवं कीड़ों-रोगों के प्रकोप से गन्ना की पैदावार प्रभावित हुई जबकि इस बार एथनॉल निर्माण के लिए भी गन्ना की अधिक मात्रा का उपयोग किया गया।

गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर पिछले सीजन के 10.10 प्रतिशत से घटकर इस बार 9.30 प्रतिशत रह गई। इसी तरह चीनी उत्पादन के लिए गन्ना की कुल क्रशिंग मात्रा भी 3122.61 लाख टन से घटकर 2767.75 लाख टन पर सिमट गई। 

फेडरेशन के अनुसार तीनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र एवं कर्नाटक से चीनी के उत्पादन में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। इसके अलावा तमिलनाडु एवं गुजरात सहित देश के अन्य महत्वपूर्ण उत्पादक प्रांतों में भी चीनी का कम उत्पादन हुआ है।

महाराष्ट्र में तो चीनी का उत्पादन पिछले साल के 110.20 लाख टन से लुढ़ककर इस बार 80.95 लाख टन पर सिमट गया। फेडरेशन के मुताबिक महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में सभी चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं।

अब केवल तमिलनाडु में तीन तथा उत्तर प्रदेश में इकाई क्रियाशील है जबकि देश की अन्य सभी इकाइयों में ताले पड़ चुके हैं। चीनी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में 103.65 लाख टन से घटकर 92.75 लाख टन तथा कर्नाटक में 51.40 लाख टन से गिरकर 40.40 लाख टन रह गया। 

फेडरेशन के मुताबिक 2023-24 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन में कुल 319 लाख टन चीनी का घरेलू उत्पादन हुआ था जो चालू सीजन में घटकर 261.10 लाख टन पर अटक जाने की संभावना है।

इसमें  से 257.50 लाख टन का उत्पादन हो चुका है जबकि शेष उत्पादन तमिलनाडु एवं कर्नाटक में जुलाई सितम्बर की अवधि में आयोजित गन्ना क्रशिंग के विशेष सत्र के दौरान होने की संभावना है।