गन्ना का रकबा बढ़ा- फसल की हालत सामान्य

23-Sep-2025 01:57 PM

नई दिल्ली। गन्ना के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी होने के साथ-साथ फसल की हालत भी इस बार सामान्य तथा संतोषजनक दिखाई पड़ रही है।

मानसून की अच्छी बारिश होने से गन्ना की फसल का विकास बेहतर ढंग से हो रहा है जिससे न केवल इसकी उपज दर बढ़ने की संभावना है बल्कि उसमें सुक्रोज का अंश भी ऊंचा रहने की उम्मीद है।

इससे चीनी के उत्पादन में भारी इजाफा हो सकता है। हालांकि महाराष्ट्र के सीमित क्षेत्र में बाढ़-वर्षा से गन्ना की फसल को थोड़ा बहुत नुकसान होने की खबर मिल रही है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इस बार अखिल भारतीय स्तर पर गन्ना का कुल बिजाई क्षेत्र बढ़कर 57.31 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो गत वर्ष की समान अवधि के क्षेत्रफल 55.68 लाख हेक्टेयर से 1.63 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।

इसके तहत खासकर महाराष्ट्र ओर कर्नाटक में रकबा काफी बढ़ा है जबकि गन्ना के उत्पादन में ये राज्य क्रमश: दूसरे एवं तीसरे  नम्बर पर रहता है। अन्य प्रांतों में भी क्षेत्रफल में कुछ उतार-चढ़ाव आया है। 

चीनी का सकल उत्पादन 2024-25 सीजन के 295 लाख टन से उछलकर 2025-26 के सीजन में 350 लाख टन के करीब पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

इसमें एथनॉल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली चीनी भी शामिल है। उद्योग समीक्षिकों के मुताबिक यद्यपि सरकार ने एथनॉल उत्पादन में गन्ना अवयवों- गन्ना जूस, शुगर सीरप, बी-हैवी शीरा एवं सी-हैवी शीरा के नियंत्रण मुक्त इस्तेमाल की अनुमति दी है

मगर 40-45 लाख टन से ज्यादा का उपयोग होना कठिन लगता है क्योंकि चीनी का घरेलू बाजार मूल्य भी लाभप्रद स्तर पर चल रहा है। इसके फलस्वरूप मानवीय खाद्य उद्देश्य के लिए चीनी का स्टॉक ऊंचा रहने की उम्मीद है।