गन्ना से चीनी की रिकवरी दर का स्तर घटाने का आग्रह
05-Sep-2025 05:46 PM
कलबुर्गी। पश्चिमी राज्य कर्नाटक के गन्ना उत्पादक महासंघ ने केन्द्र सरकार से गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर का स्तर मौजूदा समय के 10.25 प्रतिशत से घटाकर 8.5 प्रतिशत नियत करने का आग्रह किया है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान समय में केन्द्र सरकार गन्ना के लिए जो उचित एवं लाभकारी मूल्य निर्धारित करती है वह 10.25 प्रतिशत चीनी की रिकवरी दर पर आधारित होता है
लेकिन 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में यह रिकवरी दर सरकारी स्तर से काफी नीचे रही थी जिससे किसानों को अपेक्षित वापसी हासिल नहीं हुई।
महासंघ ने कहा है कि सरकार को गन्ना उत्पादकों एवं चीनी मिलर्स के बीच द्विपक्षीय करार करवाने के लिए एक समिति का गठन करना चाहिए और 8.50 प्रतिशत की औसत रिकवरी दर के आधार पर गन्ना का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) बढ़ाना चाहिए।
महासंघ (फेडरेशन) ने कलबुर्गी जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान विभिन्न चीनी मिलों को गन्ना की हुई आपूर्ति के बकाया लम्बित मूल्य का भुगतान जल्दी से जल्दी जारी करने का आग्रह भी किया है ताकि किसानों की वित्तीय स्थित सुधर सके।
महासंघ के जिला संयोजक का कहना है कि कलबुर्गी जिले की चार चीनी मिलों द्वारा 2022-23 एवं 2023-24 के सीजन के दौरान 55,417 किसानों से कुल 68.87 लाख टन गन्ना प्राप्त किया गया और उसकी क्रशिंग की गई।
गन्ना फसल की कटाई एवं ढुलाई के लिए फैक्टरियों को कीमतों में 572 रुपए प्रति टन की कटौती करने की अनुमति दी गई है। यह निश्चित चार्ज है।
लेकिन इसके बजाए चीनी मिलों ने 732 रुपए प्रति टन की दर से कीमतों में कटौती कर दी। इस तरह मिलर्स ने कलबुर्गी जिले के 13,291 किसानों के गन्ना मूल्य में 15.96 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि की कटौती कर दी।
फेडरेशन ने अब जिला प्रसाशन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और गन्ना किसानों की बकाया राशि का जल्दी से जल्दी भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक भारत में गन्ना एवं चीनी का तीसरा सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है। वहां इस बार गन्ना के रकबे में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है।
