गन्ना से निर्मित एथनॉल का दाम बढ़ाने का आग्रह

27-Sep-2025 12:05 PM

मुम्बई। हालांकि केन्द्र सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा प्रदत्त चावल से निर्मित एथनॉल का बिक्री मूल्य करीब 3 प्रतिशत बढ़ा दिया है मगर गन्ना से निर्मित एथनॉल के दाम में कोई परिवर्तन नहीं करते हुए इसे पुराने स्तर पर ही स्थिर रखा है। इससे चीनी उद्योग नाखुश है। वैसे भी अब गन्ना के बजाए अनाज से एथनॉल का ज्यादा उत्पादन हो रहा है। 

तेल विपणन कम्पनियां (ओएमसी) एथनॉल की खरीद पेट्रोल में मिश्रण के लिए करती है। 2025-26 के मार्केटिंग सीजन के लिए इन कंपनियों में 1050 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति के लिए निविदा आमंत्रित की है। इसकी आपूर्ति नवम्बर 2025 से आरंभ होकर अक्टूबर 2026 तक की जाएगी। 

खाद्य निगम के चावल से निर्मित एथनॉल का बिक्री मूल्य 2024-25 सीजन के 58.50 रुपए प्रति लीटर से करीब 3 प्रतिशत बढ़ाकर 2025-26 सीजन के लिए 60.32 रुपए प्रति लीटर नियत किया गया है

जिसका कारण यह बताया जा रहा है कि खाद्य निगम के चावल का रिजर्व मूल्य 22.50 रुपए प्रति किलो से बढ़ाकर 23.20 रुपए प्रति किलो निर्धारित किया गया है जिससे लागत खर्च में बढ़ोत्तरी हो जाएगी। 

चीनी उद्योग का कहना है कि सरकार ने गन्ना के उचित एवं लाभकारी मूल्य में भी इजाफा किया है मगर न तो चीनी के एक्स  फैक्ट्री न्यूनतम बिक्री मूल्य और ना ही गन्ना से निर्मित एथनॉल के दाम में कोई वृद्धि की है।

गन्ना जूस, शुगर सीरप, बी-हैवी शीरा से एथनॉल का निर्माण होता है जो गन्ना के उत्पाद है। उद्योग ने इस एथनॉल की कीमत बढ़ाने का आग्रह किया है ताकि डिस्टीलर्स को कुछ राहत मिल सके।

इस बार नवम्बर में 100 करोड़ लीटर, दिसम्बर- जनवरी में 200 करोड़ लीटर, फरवरी- अप्रैल में 280 करोड़ लीटर तथा मई-जुलाई में 250 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति होनी है।