घरेलू एवं निर्यात मांग मजबूत होने से जीरा के दाम में सुधार
16-Apr-2025 11:22 AM
मुम्बई। घरेलू प्रभाग में मांग मजबूत रहने तथा निर्यातकों की सक्रियता भी बढ़ने से जीरा के हाजिर एवं वायदा मूल्य में सुधार का रूख बना हुआ है।
पिछले दिन इसका वायदा भाव 0.45 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 24,400 रुपए प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। दिसावरी व्यापारियों / स्टॉकिस्टों के साथ-साथ निर्यातकों द्वारा भी जीरा की लिवाली में अच्छी दिलचस्पी दिखाई जा रही है।
चीन, बांग्ला देश एवं मलेशिया के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र के देशों में भी जीरे की अच्छी मांग बनी हुई है। हालांकि गुजरात में जीरा की सामान्य आवक हो रही है लेकिन राजस्थान में सीमित आपूर्ति के कारण मंडियों पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ रहा है। मांग की तुलना में आवक कुछ कम होने से कीमतों में मजबूती आ रही है।
प्रतिकूल मौसम के कारण गुजरात में इस बार जीरा के नए माल की आवक में करीब एक माह की देर हो गई जिससे मंडियों में इसकी उपलब्धता कम रही। वैसे जीरे की उपज दर, पैदावार एवं क्वालिटी ज्यादा प्रभावित नहीं हुई है इसलिए आगामी समय में आपूर्ति की स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद की जा रही है।
इसके फलस्वरूप भविष्य में जीरा के दाम में जोरदार तेजी का माहौल बनना मुश्किल लगता है। उत्पादकों के पास लगभग 20 लाख बोरी जीरे का पिछला बकाया स्टॉक मौजूद था जिसमें से महज 3-4 लाख बोरी का ही कारोबार संभव हो सका।
इसके बाद चालू सीजन के लिए करीब 16 लाख बोरी का स्टॉक बच गया। इससे निकट भविष्य में इसके दाम में खुलकर तेजी नहीं आ पाएगी।
लेकिन उजला पक्ष यह है कि इसकी मांग घरेलू प्रभाग के साथ-साथ वैश्विक बाजार में भी काफी अच्छी बनी हुई है इसलिए कीमतों में नरमी आने की आशंका भी बहुत कम है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जीरा का घरेलू उत्पादन 2022-23 सीजन के 5.77 लाख टन से उछलकर 2023-24 के सीजन में 8.60 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया था क्योंकि एक तो गुजरात एवं राजस्थान जैसे प्रमुख उत्पादक प्रांतों में उसके बिजाई क्षेत्र में भारी बढ़ोत्तरी हुई थी
और दूसरे, मौसम की हालत अनुकूल रहने से उपज दर में भी सुधार आया था। 2024-25 सीजन के दौरान जीरा के क्षेत्रफल में कमी आ गई लेकिन मौसम काफी हद तक अनुकूल बना रहा।
अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 के दस महीनों में देश से जीरा का निर्यात 67 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोत्तरी के साथ 1.82 लाख टन पर पहुंच गया। हालांकि दिसम्बर की तुलना में जनवरी 2025 के दौरान जीरा का निर्यात कुछ कम हुआ मगर जनवरी 2024 के मुकाबले यह करीब 38 प्रतिशत ज्यादा रहा।
