घरेलू प्रभाग में स्टॉक की बेहतर उपलब्धता से दलहनों का आयात घटने की उम्मीद

20-Dec-2025 12:40 PM

नई दिल्ली। भारत में वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान दलहनों का सकल आयात तेजी से उछलकर 73.40 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था लेकिन 2025-26 के मौजूदा वित्त वर्ष में कुल आयात करीब 45 प्रतिशत 40 लाख टन के आसपास अटक जाने की संभावना है

क्योंकि एक तो पिछले बकाया स्टॉक का स्तर ऊंचा है और दूसरे, घरेलू उत्पादन भी बेहतर होने की उम्मीद है। दलहनों की आपूर्ति की स्थिति सुगम बनी हुई है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में दलहनों का भाव नरम चल रहा है। 

आरम्भिक, आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के शुरूआती सात महीनों में यानी अप्रैल से अक्टूबर 2025 के दौरान देश में दलहनों का आयात घटकर 23.70 लाख टन पर अटक गया जो पिछले साल की समान अवधि के आयात 35.40 लाख टन से 33 प्रतिशत कम रहा।

एक अग्रणी व्यापारिक संगठन इंडिया पल्सेस एंड ग्रेन्स एसोसिएशन (आईपीजीए) का मानना है कि इस वर्ष भारत में दलहनों का कुल आयात 40 लाख टन के करीब रह सकता है। पिछले साल के रिकॉर्ड आयात की वजह से दलहनों का अच्छा खासा स्टॉक अभी मौजूद है।

खरीफ कालीन दलहनों की अच्छी आपूर्ति हो रही है जबकि फरवरी-मार्च से रबी फसलों की कटाई-तैयारी शुरू हो जाएगी। रबी कालीन दलहनों का उत्पादन बेहतर हुआ तो आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति में जटिलता नहीं आएगी। 

वैश्विक बाजार मूल्य में आई गिरावट के कारण दलहनों का आयात खर्च भी तेजी से घट रहा है। चालू वित्त वर्ष के शुरूआती सात महीनों में दलहनों के आयात पर होने वाला खर्च घटकर 1.56 अरब डॉलर पर अटक गया जो गत वर्ष की समान अवधि के दौरान हुए खर्च 2.83 अरब डॉलर से 45 प्रतिशत कम रहा।

निर्यातक देशों में विशाल उत्पादन होने तथा आयातक देशों में मांग कमजोर रहने से दलहनों का वैश्विक बाजार भाव घटकर 2024 की तुलना में काफी नीचे आ गया है। इससे सम्पूर्ण वित्त वर्ष के दौरान भारत में दलहनों के कुल आयात खर्च में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।