हल्दी के भाव नरम : अधिक मंदा-तेजी बिजाई पर निर्भर
05-Jun-2026 08:10 PM
नई दिल्ली। वर्तमान में हल्दी के भाव मंदे के साथ बोले जा रहे है क्योंकि निर्यात मांग कम होने के अलावा लोकल उठाव भी कम रह गया है। मंडियों में आवक भी सीमित रह गई है। सूत्रों का कहना है कि भावों में गिरावट आने के कारण मराठवाड़ा के किसानों द्वारा माल की सप्लाई सीमित कर दी गई है और बसमत, नांदेड, हिंगोली मंडी में आवक आशानुरूप नहीं हो रही है। हालांकि मराठवाड़ा लाइन पर हल्दी की उपलब्धता अच्छी है लेकिन किसान भाव बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मिडिल ईस्ट देशों में अशांति के चलते निर्यात मांग कम है।
आवक
मराठवाड़ा को छोड़कर अन्य उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर अधिकांश माल की आवक हो चुकी है। लेकिन देर से आवक होने के कारण मराठवाड़ा के हिंगोली, बसमत, नांदेड लाइन पर किसानों के पास पर्याप्त स्टॉक है। जोकि भाव बढ़ने पर मंडियों में आएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार नांदेड मंडी में आवक 3000/4000 बोरी की रह गई है जबकि हिंगोली में 5/6 हजार बोरी की हो रही है। बसमत में भी आवक 4/5 हजार बोरी की रह गई है। इसके अलावा ईरोड में आवक 4/5 हजार बोरी, निजामाबाद 2/2.5 हजार बोरी एवं सांगली 3/4 हजार बोरी की चल रही है। दुगीराला में आवक 1200/1500 बोरी की है। सूत्रों का कहना है कि निजामाबाद लाइन पर अभी तक 10/11 लाख बोरी की आवक हो चुकी है जबकि कुल उत्पादन 13/14 लाख बोरी का माना जा रहा है। इसके अलावा ईरोड लाइन पर 9/10 लाख बोरी आवक होने के अनुमान लगाए जा रहे है। जबकि कुल उत्पादन 13/14 लाख माना जा रहा है। सांगली लाइन पर भी 70/75 प्रतिशत माल मंडियों में आने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। सांगली लाइन पर इस वर्ष उत्पादन 10/12 लाख बोरी का माना जा रहा है। मराठवाड़ा में उत्पादन अनुमान 30/32 लाख बोरी के लगाए जा रहे हैं। मराठवाड़ा लाइन पर अभी तक 40/50 प्रतिशत माल मंडियों में आने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं।
बिजाई
सूत्रों का कहना है कि चालू माह के मध्य तक निजामाबाद लाइन पर हल्दी की बिजाई का कार्य शुरू हो जाएगा। लेकिन प्रतिकूल मौसम के चलते इस वर्ष बिजाई गत वर्ष की तुलना में कम रहने के पूर्वानुमान लगाए जा रहे हैं। गत वर्ष बिजाई का क्षेत्रफल 30/35 प्रतिशत अधिक रहा था।
कीमतों में गिरावट
विगत कुछ समय से हल्दी के दामों में गिरावट दर्ज की जा रही है। चालू सप्ताह के दौरान उत्पादक केन्द्रों की मंडियों सहित खपत केन्द्रों पर भी हल्दी के भाव 200/300 रुपए प्रति क्विंटल मंदे के साथ बोले गए हैं। वायदा बाजार में भी भाव मंदे चल रहे है। सूत्रों का कहना है कि निर्यात प्रभावित होने के अलावा लोकल में भी मांग कमजोर बनी हुई है। वर्तमान में दिल्ली बाजार में हल्दी सिंगल पोलिश गट्ठा का भाव 145/146 रुपए बोला जा रहा है जोकि मई माह के अंत में भाव 148/149 रुपए बोला जा रहा था।
निर्यात
हाल ही में मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान हल्दी का निर्यात 175896 टन का हुआ और निर्यात से प्राप्त आय 2887.18 करोड़ की रही। जबकि वर्ष 2024-25 में हल्दी का निर्यात 176325 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 2885.39 करोड़ की रही।
