केरल में मानसून की अच्छी सक्रियता मगर आगे बढ़ने की गति धीमी

05-Jun-2026 05:16 PM

तिरुअनन्तपुरम। दक्षिण-पश्चिम मानसून मौसम विभाग की संशोधित भविष्यवाणी के अनुरूप 4 जून 2026 को केरल में पहुंच गया और पहले दिन वहां इसकी सक्रियता काफी अच्छी रही। इसके फसलवरूप केरल के विभिन्न भागों एवं माही  में जोरदार बारिश हुई। लेकिन पश्चिमी तट के साथ उत्तर की ओर आगे बढ़ने की इसकी गति आगामी दिनों में काफी धीमी रहने की संभावना है जिससे महाराष्ट्र, गुजरात एवं मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में इसे पहुंचने में देर हो सकती है। मानसून की अनुकूल हवा का सहारा जरूरी है। 

यूरोपीय जलवायु पूर्वानुमान केन्द्र के अनुसार देश के पश्चिमी तट पर अवस्थित महानगर- मुम्बई को मानसूनी वर्षा के लिए 22 जून तक इंतजार करना पड़ सकता है जबकि आमतौर पर 10 जून के आसपास मानसून वहां पहुंच जाता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बढ़ने की आशंका है। अल नीनो आगे भी मानसून को कमजोर कर सकता है। 

अल नीनो के गर्म वातावरण का दबाव मानसूनी वर्षा वाले बादलों के निर्माण में अवरोध उत्पन्न कर सकता है जिससे बारिश होने की संभावना क्षीण पड़ती जाएगी। यदि वर्षा होती भी है तो इसकी तीव्रता सामान्य स्तर से कम रह सकती है।

देश के अन्य भागों में मानसून के सही समय पर पहुंचने में भी संदेह है। इससे खरीफ फसलों की बिजाई में देर हो सकती है। मानसून की वर्षा को कम दाब वाली स्थिति से मजबूत सहारा मिलता है लेकिन इस बार समुद्र में ऐसी स्थिति कितनी बार और कितने अंतराल में बनती है यह देखना आवश्यक होगा।

दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ेगा और इससे बारिश भी होगी लेकिन अल नीनो के कारण इसकी दिशा और दशा के बारे में कोई निश्चित अनुमान लगाने में कठिनाई हो सकती है।