हरियाणा की मंडियों में गेहूं का लगने लगा अम्बार

14-Apr-2025 02:03 PM

पानीपत। हरियाणा की विभिन्न मंडियों में नए माल की जोरदार आवक के बीच खरीद एवं उठाव की गति सुस्त रहने से गेहूं का अम्बार लगने लगा है और किसानों को अपने उत्पाद की बिक्री जल्दी-जल्दी करने में कठिनाई हो रही है।

दो दिनों तक आंधी वर्षा का जोर रहने के बाद अब मौसम साफ हुआ तब विभिन्न मंडियों में उम्मीद के अनुरूप गेहूं की आपूर्ति में भारी वृद्धि हो गई।

इसमें सोनीपत एवं पानीपत जिले की मंडियां भी शामिल हैं। सरकारी एजेंसियों की खरीद की गति धीमी देखी जा रही है। 

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चालू रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान सोनीपत जिले के 24 अनाज मार्केट एवं सरकारी क्रय केन्द्रों में कुल 76,567 गेहूं 12 अप्रैल 2025 तक खरीद गया लेकिन इसमें से केवल 17,701 टन गेहूं का उठाव ही चार एजेंसियों- खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हरियाणा भंडारण निगम, हैफेड तथा भारतीय खाद्य निगम द्वारा किया गया।

प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 12 अप्रैल तक सोनीपत जिले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को 31,578 टन, गेहूं खरीदने का अवसर मिला जिसमें से 10,131 टन का उठाव हो गया। इसी तरह हैफेड द्वारा 2995 टन गेहूं खरीदा गया और 2939 टन का उठाव किया गया।

हरियाणा भंडारण निगम ने 13,321 टन की खरीद में से 2908 टन तथा भारतीय खाद्य निगम ने 1673 टन की खरीद में से नगण्य मात्रा में गेहूं का उठाव किया। 

पानीपत जिले का हाल भी कुछ ऐसा ही है। वहां विभिन्न मंडियों में 9.30 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हुई जिसमें से 7.33 लाख क्विंटल की सरकारी खरीद की गई मगर इसमें से केवल 16.03 प्रतिशत या 1.17 लाख टन कही अभी तक उठाव हो सका है जिससे क्रय केन्द्रों पर गेहूं का अम्बार लगा हुआ है।

वहां किसानों को भारी परेशानी हो रही है। आग लगने या मौसम खराब होने से फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है इसलिए किसान जल्दी-जल्दी अपना गेहूं बेचने का प्रयास कर रहे है लेकिन क्रय केन्द्रों से उठाव नहीं हो रहा है। 

एक नई समस्या यह उत्पन्न हो गई है कि मंडियों में खरीदे गए गेहूं अस्वीकार कर दिया जाता है। गेहूं में 12 प्रतिशत तक की नमी को सरकारी मान्यता है लेकिन खाद्य निगम के अधिकारी कहते हैं

कि सिर्फ 10 प्रतिशत तक की नमी वाले स्टॉक को ही स्वीकार किया जाएगा और गेहूं का दाना भी साफ सुथरा होना चाहिए।