इंडोनशिया बना म्यांमार के चावल का सबसे बड़ा खरीदार
03-Jan-2025 04:01 PM
रंगून । दक्षिण-पूर्व एशिया में अवस्थित देश- इंडोनेशिया में वियतनाम, थाईलैंड, कम्बोडिया, पाकिस्तान तथा भारत जैसे देशों से चावल के आयात का अनुबंध किया जा रहा है।
म्यांमार राइस फेडरेशन के अनुसार वर्तमान वित्त वर्ष (2024-25) के आरंभिक आठ महीनों में यानी अप्रैल-नवम्बर 2024 के दौरान म्यांमार से इंडोनेशिया को सर्वाधिक 4.80 लाख टन चावल का निर्यात किया गया और इस तरह वह इसका सबसे प्रमुख खरीदार बन गया।
इसके बाद दूसरे नंबर पर चीन रहा जिसने इन चार महीनों में म्यांमार से 3.55 लाख टन से कुछ अधिक चावल मंगाया।
इसके अलावा यूरोपीय देश बेल्जियम में 2,46,900 टन, फिलीपींस में 1,28,300 टन, सेनेगल में 44,300 टन, मोजाम्बिक में 43,100 टन कोट डी आइवरी में 37,000 टन, स्पेन में 30,000 टन, कैमरून में 27,100 टन, हॉलैंड में 17,500 टन, आइवरी कोस्ट में 13,900 टन, इटली में 13,300 टन तथा पोलैंड में 12,300 टन चावल का आयात म्यांमार से किया गया।
फेडरेशन की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल-नवम्बर 2024 के आठ महीनों में म्यांमार से चावल का कुल निर्यात 17 लाख टन पर पहुंच गया जिससे 80.40 करोड़ डॉलर की आमदनी हुई।
इसमें साबुत चावल एवं टुकड़ी चावल दोनों का शिपमेंट शामिल है। फेडरेशन ने वित्त वर्ष 2024-25 की सम्पूर्ण अवधि (अप्रैल-मार्च) में कुल 25 लाख टन चावल के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसे हासिल करने में उसे सरकार का भी भरपूर सहयोग-समर्थन प्राप्त हो रहा है।
हालांकि 2023-24 के वित्त वर्ष में भी फेडरेशन ने 1 अरब डॉलर मूल्य के 25 लाख टन चावल का निर्यात लक्ष्य नियत किया था लेकिन इसका वास्तविक शिपमेंट महज 16 लाख टन तक पहुंच सका जिससे 84.50 करोड़ डॉलर की ही आमदनी संभव हो सकी।
उल्लेखनीय है कि 2023-24 के दौरान चावल का वैश्विक बाजार भाव काफी ऊंचा हो गया था। इससे पूर्व वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान म्यांमार से 85,3472 करोड़ डॉलर मूल्य 22,61,203 टन चावल का निर्यात हुआ था।
म्यांमार दुनिया में चावल के शीर्ष सात निर्यातक देशों में शामिल हैं मगर वहां से भारत, थाईलैंड, वियतनाम एवं पाकिस्तान जैसे देशों की तुलना में चावल का निर्यात बहुत कम होता है।
