इंडोनेशिया चावल के आयातक से निर्यातक देश बनने की राह पर अग्रसर
14-Apr-2025 08:26 PM
जकार्ता। इंडोनेशिया के कृषि मंत्री ने कहा है कि चालू वर्ष के दौरान देश में चावल का 120 लाख टन तक अधिशेष उत्पादन होने की उम्मीद है जिससे वैश्विक निर्यात बाजार का एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करने में सहायता मिल सकती है।
उल्लेखनीय है कि इंडोनेशिया पिछले कई वर्षों से चावल का एक अग्रणी आयातक देश बना हुआ है। सरकार का ध्यान पहले देश को उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का था जो काफी हद तक सफल हो गया।
अब वहां घरेलू मांग एवं खपत से काफी अधिक चावल का उत्पादन होने का अनुमान लगाया जा रहा है जिससे वह इसका भारी भरकम निर्यात करने की स्थिति में आ सकता है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार यदि इंडोनेशिया से चावल का निर्यात आरंभ हो गया तो वियतनाम और थाईलैंड को दोहरा नुकसान हो सकता है।
एक तो वहां से इंडोनेशिया में चावल का निर्यात ठप्प पड़ जाएगा और दूसरे, अन्य बाजारों में इंडोनेशिया से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ेगी। भारत पर इसका कम असर पड़ेगा क्योंकि इसके अपने सुरक्षित बाजार हैं और भारतीय चावल का निर्यात ऑफर मूल्य भी थाईलैंड एवं वियतनाम से नीचे रहता है।
इंडोनेशियाई कृषि मंत्री के अनुसार सरकार अनेक महत्वपूर्ण उपायों एवं कदमों के साथ धान-चावल का घरेलू उत्पादन बढ़ाने का हर संभव प्रयास कर रही है जिसमें क्षेत्रफल बढ़ाना, बुनियादी ढांचागत सुविधाओं का विकास-विस्तार करना,
किसानों के लिए उर्वरकों एवं उन्नत बीज आदि का समुचित प्रबंध करना तथा धान उत्पादकों के लिए बेहतर मूल्य सुनिश्चित करना आदि शामिल है। धान का न्यूनतम खरीद मूल्य बढ़ाकर 6500 रूपिया (0.39 डॉलर) प्रति किलो निर्धारित किया गया है।
पिछले पांच वर्षों के दौरान सरकारी खाद्यान्न खरीद एजेंसी- बुलॉग द्वारा सालाना औसतन 10 लाख टन चावल की खरीद की गई जबकि चालू वर्ष (2025) की पहली तिमाही में ही यह खरीद बढ़कर उसके आसपास पहुंच गई।
अप्रैल 2025 के अंत तक यह मात्रा करीब दोगुना बढ़कर 20 लाख टन पर पहुंच जाने की संभावना है। सरकार ने धान के उत्पादन क्षेत्र में 30 लाख हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी का लक्ष्य रखा है।
यदि क्षेत्रफल में इसकी आधी वृद्धि भी हुई और इसकी औसत उपज दर दो सीजन में 10 टन प्रति हेक्टेयर रही है। देश में चावल का वार्षिक उत्पादन 300 लाख टन पर पहुंच सकता है जो घरेलू मांग एवं खपत से 120 लाख टन ज्यादा होगा।
ज्ञात हो कि इंडोनेशिया में वर्ष 2023 के दौरान 30.60 लाख टन चावल का आयात हुआ था जो 2024 में 47 प्रतिशत बढ़कर 45.20 लाख टन पर पहुंच गया।
