इंडोनेशिया में पाम तेल पर निर्यात लेवी में कटौती की योजना
09-Sep-2024 07:42 PM
जकार्ता । अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता को बरकरार रखने के लिए इंडोनेशिया में पाम तेल पर निर्यात लेवी में कटौती करने का प्लान बनाया जा रहा है। ज्ञात हो कि इंडोनेशिया दुनिया में पाम तेल का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है।
उसे सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल तथा रेपसीड- कैनोला तेल जैसे प्रतिद्वंदी खाद्य तेलों की तुलना में अपने पाम तेल की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता महसूस हो रही है। पाम तेल का निर्यात बढ़ने पर ऑयल पाम के उत्पादकों की आमदनी में वृद्धि होगी और क्रशिंग प्रोसेसिंग उद्योग की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा।
उद्योग समीक्षकों के अनुसार यद्यपि परम्परागत सबसे पाम तेल का भाव सॉफ्ट तेलों से नीचे रहता है लेकिन हाल के महीनों में सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल का दाम गिरते से मूल्यान्तर काफी घट गया है।
भारत और चीन जैसे देश अब पाम तेल के बजाए सोया तेल एवं सूरजमुखी तेल के आयात पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
आर्थिक मामलों के संयोजन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि आमतौर पर पाम तेल सबसे सस्ता खाद्य तेल माना जाता है मगर अब सोयाबीन तेल तथा सूरजमुखी की तुलना में इसकी प्रतिस्पर्धी क्षमता कम हो गई है।
यदि निर्यात लेवी में कटौती का निर्णय लिया जाता है तो पाम तेल का निर्यात बढ़ाने में अच्छी सहायता मिल सकती है।
ऑयल पाम का कम दाम देने का प्रयास करते हैं कि निर्यात टैक्स काफी ऊंचा है और वे इसका समायोजन तभी कर पाएंगे जब नीचे मूल्य पर पाम की खरीद करेंगे।
वर्तमान नियमों के अंतर्गत इंडोनेशिया में क्रूड पाम तेल (सीपीओ) के निर्यात पर 55 से 240 डॉलर प्रति टन के बीच लेवी लगाई जाती है जो निर्यात शुल्क से अलग होती है।
