ईसबगोल की कीमतों में सुधार
05-Sep-2025 07:05 PM
मंदे की संभावना नहीं
नई दिल्ली। हाल ही में ईसबगोल की कीमतों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई है। वर्तमान हालात को देखते हुए हाल-फिलहाल कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में भाव धीरे-धीरे बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।
हालांकि चालू सीजन के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान एवं गुजरात में ईसबगोल की पैदावार गत वर्ष की तुलना में कम रही लेकिन बकाया स्टॉक अधिक रहने के कारण कीमतों में गिरावट रही और वर्तमान में भाव न्यूनतम स्तर पर बोले जाने लगे थे। घटे भावों पर लोकल खरीद बढ़ने के कारण चालू सप्ताह के दौरान भाव 100/200 रुपए तेजी के साथ बोले गए है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में राजस्थान की प्रमुख मंडी नौखा, नागौर, मेड़ता मंडी में ईसबगोल के भाव 10000/11500 रुपए प्रति क्विंटल पर बोले जा रहे हैं। ऊंझा मंडी में भाव 10000/11700 रुपए के चल रहे हैं। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर ईसबगोल के भाव गत वर्ष की तुलना में 20/25 रुपए प्रति किलो नीचे चल रहे हैं। गत वर्ष इसी समयावधि में भाव 13000/14000 रुपए प्रति क्विंटल चल रहे थे। उल्लेखनीय है कि जुलाई-2023 में ईसबगोल के रिकॉर्ड भाव 26000/27000 रुपए बन गए थे। जिस कारण वर्ष 2024 के लिए उत्पादक केन्द्रों पर रिकॉर्ड बिजाई की गई और उत्पादन भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
आवक घटी
कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण वर्तमान में मंडियों में आवक काफी कम रह गई है। ऊंझा मंडी में आवक 2000/2500 बोरी की रह गई है। उल्लेखनीय है कि सीजन के समय ऊंझा मंडी में ईसबगोल की दैनिक आवक 23/25 हजार बोरी की हो गई थी जबकि राजस्थान की मंडियों में आवक 10/12 हजार बोरी की हो रही थी।
उत्पादन कम
चालू सीजन के दौरान देश में ईसबगोल की पैदावार कम रही। ईसबगोल की नई फसल मार्च-अप्रैल माह में शुरू होती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार चालू सीजन के दौरान देश में ईसबगोल की पैदावार 28/30 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 70/75 किलो) होने के अनुमान लगाए गए थे। जबकि वर्ष 2024 में उत्पादन 38/40 लाख बोरी का माना गया था। हालांकि चालू सीजन के दौरान पैदावार कम रही लेकिन बकाया स्टॉक अधिक होने के कारण कुल उपलब्धता अच्छी रही। जिस कारण से अभी तक ईसबगोल के भाव नहीं बढ़ पा रहे हैं थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार नई फसल के समय उत्पादक केन्द्रों पर ईसबगोल का स्टॉक 7/8 लाख बोरी का माना गया था।
मन्दा-तेजी
ईसबगोल के भाव न्यूनतम स्तर पर आ जाने के कारण अब कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि मंडियों में आवक काफी घट गई है। इसके अलावा नए मालों की आवक शुरू होने में 6/7 माह का समय शेष है। जानकार व्यापारियों का कहना है कि सितम्बर-अक्टूबर माह में ईसबगोल की कीमतों में 8/10 रुपए प्रति किलो की तेजी आने की संभावना है। और आगामी दिनों में भाव बढ़कर 110/125 रुपए प्रति किलो बन जाने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।
निर्यात
प्राप्त जानकारी के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम तीन माह अप्रैल-जून - 2025 के दौरान ईसबगोल भूसी का निर्यात 16441.53 टन का हुआ है जबकि अप्रैल-जून - 2024 के दौरान निर्यात 16025.24 टन का रहा था। हालांकि जून 2025 में ईसबगोल का निर्यात जून - 2024 की तुलना में कम रहा। जून- 2025 में निर्यात 5213 टन का रहा जबकि जून- 2024 के दौरान 5845.94 टन का हुआ था।
