ईयू के साथ एफटीए के तहत कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती नहीं

31-Jan-2026 12:36 PM

नई दिल्ली। यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत भारत सरकार ने चावल, गेहूं, दलहन, मक्का, फल-सब्जी, सूखा मेवा- मसाला डेयरी उत्पाद, पनीर एवं समुद्री उत्पाद सहित कुछ अन्य उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती करने या कोई अन्य गैर शुल्कीय रियायत देने से इंकार कर दिया।

इस तरह मुक्त व्यापार संधि के प्रावधानों से भारतीय कृषि क्षेत्र एवं कृषक समुदाय के हितों को कोई नुकसान नहीं होगा। अमरीका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता इसलिए अटका हुआ है क्योंकि वह भारत में जीएम मक्का एवं सोयाबीन का निर्यात करने पर जोर दे रहा है जबकि भारत सरकार इसकी अनुमति देने के लिए तैयार नहीं है।

अमरीका के कुछ सांसद भारत में दलहनों के शुल्क मुक्त निर्यात के लिए भी जोरदार प्लानिंग कर रहे हैं लेकिन इस पर सहमति बनने की संभावना बहुत कम है। 

भारत स्वयं चावल गेहूं, मक्का, पॉल्ट्री उत्पाद एवं मसाला आदि के उत्पादन में आत्मनिर्भर बना हुआ है। चावल के उत्पादन एवं निर्यात में यह संसार में पहले नंबर पर है। इसी तरह चीन के बाद भारत दुनिया में गेहूं का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।

मक्का के उत्पादन में इसका स्थान पांचवां हैं। भारत को इन अनाजों के आयात की आवश्यकता नहीं या नगण्य पड़ती है। मसालों के उत्पादन एवं निर्यात में भारत विश्व में पहली पोजीशन पर बरकरार है। यूरोपीय संघ से गेहूं एवं डेयरी उत्पादों का निर्यात बड़े पैमाने पर होता है।