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23-Oct-2026 01:30 PM
नई दिल्ली। विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने आगाह किया है कि इस वर्ष अल नीनो पिछले 40 साल में सबसे मजबूत, तीव्र एवं ताकतवर रह सकता है क्योंकि विषुवतीय प्रशांत महासागर के समुद्री तल (सतह) पर तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। यह अल नीनो दुनिया के अनेक देशों में मौसम एवं वर्षा के पैटर्न को प्रभावित करेगा और वैश्विक कृषि उत्पादन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा।
इस मौसम चक्र के प्रतिकूल प्रभाव को घटाने के लिए भारत सहित अनेक देशों को वैकल्पिक एहतियाती कदम उठाना पड़ेगा। संगठन के अनुसार अल नीनो के प्रभाव से कुछ देशों में भीषण गर्मी का प्रकोप रह सकता है जबकि बारिश की स्थिति अनिश्चित एवं अनियमित रह सकता है। कुछ इलाकों में सूखा पड़ने तथा कुछ अन्य क्षेत्रों में विनाशकारी बाढ़ आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
इस बार अल नीनो की ताकत एवं मजबूती के अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। इसकी तीव्रता अगले कुछ महीनों तक बरकरार रहने का अनुमान है। ज्ञात हो कि अल नीनो के कारण भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर रहा और शीतकालीन वर्षा भी कम होने की संभावना है।