जुलाई में ओएमएसएस के तहत शुरू हो सकती है गेहूं की बिक्री

31-May-2025 12:38 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय द्वारा भारतीय खाद्य निगम (एफसीसाई) को जून के अंत या जुलाई के आरंभ में खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अंतर्गत गेहूं की बिक्री के लिए साप्ताहिक ई- नीलामी शुरू करने की अनुमति दी जा सकती है ताकि घरेलू प्रभाग में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की आपूर्ति उपलब्धता बढ़ाने एवं कीमतों में तेजी पर अंकुश लगाने में सहायता मिल सके।

समझा जाता है कि अन्य तमाम उद्देश्यों में वितरण या आपूर्ति के बाद सरकार के पास कम से कम 60 लाख टन गेहूं का अतिरिक्त अधिशेष स्टॉक मौजूद रहेगा जिसे ओएमएसएस के तहत बेचा जा सकता है। 

गेहूं की सरकारी खरीद इस बार बढ़कर पिछले चार साल के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई जबकि केन्द्रीय पूल में इसका अच्छा खासा पिछला बकाया स्टॉक भी मौजूद था। इसके फलस्वरूप कुल उपलब्धता बढ़कर 400 लाख टन से ऊपर पहुंच गई।

लेकिन थोक मंडियों में गेहूं का भाव बढ़ने लगा है। हालांकि गेहूं पर भंडारण सीमा लागू कर दी गई है मगर फिर भी कीमतों पर कोई प्रतिकूल असर पड़ने के संकेत नहीं मिल रहे हैं।

बाजार को स्थिर रखने के लिए सरकार अपनी ओर से आवश्यक तैयारी कर रही है। चूंकि उसके पास गेहूं का भरपूर स्टॉक है इसलिए उसे ओएमएसएस के तहत इसकी बिक्री जल्दी शुरू करने में विशेष कठिनाई नहीं होगी। 

उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान ओएमएसएस के तहत सरकारी स्टॉक से 94.10 लाख टन गेहूं बेचा गया था जबकि 2024-25 के वित्त वर्ष में केवल 35 लाख टन गेहूं की बिक्री की गई। इसके फलस्वरूप केन्द्रीय पूल में गेहूं का बकाया स्टॉक ऊंचा हो गया।

प्राइवेट क्षेत्र के पास गेहूं का अच्छा स्टॉक मौजूद है। सरकार को उम्मीद है कि स्टॉक सीमा तथा ओएमएसएस में बिक्री जैसे उपायों से कीमतों में नरमी आएगी और व्यापारियों- स्टॉकिस्टों तथा बड़े-बड़े उत्पादकों को अपना अनाज जल्दी-जल्दी बेचने के लिए विवश होना पड़ सकता है। क्या सचमुच ऐसा होगा ?