जुलाई से पहले अल नीनो के आने की 61 प्रतिशत संभावना
06-May-2026 12:40 PM
नई दिल्ली। अमरीकी जलवायु पूर्वानुमान केन्द्र ने कहा है कि यद्यपि अल नीनो सॉदर्न ऑसिलेशन की न्यूट्रल स्थिति जून तक बरकरार रह सकती है लेकिन सूखा वाहक अल नीनो मई से जुलाई के बीच सक्रिय हो सकता है। जुलाई से पूर्व इसके आने की संभावना 61 प्रतिशत है।
पूर्वानुमान केन्द्र के मुताबिक फरवरी के आरंभिक दिनों से ही सुदूर पूर्वी विषुवतीय प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान सामान्य औसत स्तर से ऊंचा बना हुआ है जबकि मध्य अप्रैल से विषुवतीय प्रशांत महासागर के अधिकांश भागों तक इसका विस्तार होने लगा। इससे अल नीनो के आने की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है।
अल नीनो के प्रभाव एवं प्रकोप से एशिया महाद्वीप और खास कर भारत को विशेष खतरा हो सकता है। इसके फलस्वरूप दक्षिण-पश्चिम मानसून के सीजन में वर्षा की कमी हो सकती है जिससे खरीफ फसलों की बिजाई एवं प्रगति प्रभावित होने की आशंका रहेगी।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने भी जून-सितम्बर 2026 की अवधि में दीर्घकालीन औसत के सापेक्ष देश में 92 प्रतिशत वर्षा होने का अनुमान लगाया है। इससे पूर्व वर्ष 2023 में जब अल नीनो आया था तब देश में 94 प्रतिशत बारिश आंकी गई थी और देश के करीब एक-तिहाई भाग में या तो सूखा पड़ा था या लम्बे समय तक मौसम शुष्क एवं गर्म बना रहा था। इससे दलहन, तिलहन एवं कपास सहित अन्य खरीफ फसलों के उत्पादन में गिरावट आ गई थी। इस बार अल नीनो का प्रभाव जनवरी 2027 तक बरकरार रहने की संभावना व्यक्त की गई है।
