जोरदार वर्षा एवं भयंकर बाढ़ से एमपी में खरीफ फसलों को भारी नुकसान
04-Aug-2025 12:42 PM
भोपाल। अत्यन्त मूसलाधार बारिश होने, बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने तथा खेतों में पानी भर जाने से मध्य प्रदेश (एमपी) में 5-6 लाख हेक्टेयर भूमि में खरीफ फसलों को करीब 25-30 प्रतिशत की क्षति होने की आशंका है।
फसलों को हुआ कुल नुकसान 5000 करोड़ रुपए आंका गया है। मध्य प्रदेश के जिन जिलों में खरीफ फसलों को सर्वाधिक हानि हुई है उसमें मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, रीवा, दमोह, सागर, विदिशा तथा रायसेन सम्मिलित हैं।
राज्य कृषि विभाग के अनुसार उपयुक्त जिलों में सोयाबीन, उड़द, मूंग तथा मक्का के साथ-साथ धान की फसल को भी भारी क्षति हुई है। हजारों एकड़ खेत में फसलें जलमग्न हो गई हैं और नई बिजाई वाले खेती में जल जमाव होने से बीज सड़ गए जिसमें अंकुरण ही नहीं हो सका।
तेज हवा के साथ जोरदार बारिश का सिलसिला जारी रहने से खेतों में पानी भर गया। इसकी निकासी की पक्की व्यवस्था नहीं होने से खरीफ फसलों पर कीड़ों-रोगों के आघात का खतरा भी बना हुआ है जिससे फसलों को गंभीर नुकसान हो सकता है।
कृषि विभाग के मुताबिक सिर्फ सोयाबीन की फसल ही कम से कम 40 हजार हेक्टेयर में बर्बाद हुई है। फिलहाल क्षति का आंकलन किया जा रहा है और जब पानी का स्तर घटेगा तब वास्तविक तस्वीर सामने आ पाएगी।
किसान संगठनों के अनुसार अभी तक 4000-5000 करोड़ रुपए मूल्य की खरीफ फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। यह बर्बादी मुख्यतः नर्मदा नदी के बेल्ट में और ग्वालियर- चम्बल संभाग में हुई है।
5 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में करीब 25 प्रतिशत फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। सरकार को तत्काल इसका व्यापक सर्वेक्षण करवाना चाहिए और किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
अनेक जिलों में खासकर सोयाबीन एवं मक्का की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। मानसूनी वर्षा का दौर अभी जारी है और बांधों-जलाशयों से पानी भी छोड़ा जा रहा है जिससे फसलों को आगे और नुकसान होने की आशंका है।
