काबुली चना के पुराने स्टॉक की बिक्री से कीमतों पर दबाव

05-Sep-2025 07:59 PM

रेगिना। हालांकि कनाडा में काबुली चना की फसल पूरी तरह परिपक्व नहीं हुई है जिससे इसकी कटाई-तैयारी की रफ्तार काफी धीमी है लेकिन फिर भी बाजार में कुल चुनौतियों के कारण कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है।

पहली चुनौती काबुली चना की क्वालिटी से संबंधित है। जुलाई के अंत में हुई बेमौसमी वर्षा से इसके दाने की क्वालिटी प्रभावित होने की आशंका है और इस बात की काफी चर्चा भी हो रही है।

इसके अलावा कटाई-तैयारी में हो रही देरी को देखते हुए कुछ उत्पादकों ने अपने पिछले स्टॉक की बिक्री बढ़ानी शुरू कर दी है जबकि अधिकांश खरीदारों का ध्यान अगली नई फसल पर केन्द्रित है। 

पश्चिमी कनाडा में काबुली चना का भाव फिलहाल 32-35 सेंट प्रति पौंड के बीच चल रहा है और विदेशी मांग, कमजोर होने से निकट भविष्य में इसमें ज्यादा तेजी आने की उम्मीद नहीं है।

काबुली चना की बिजाई अच्छी हुई थी और मध्य जुलाई तक फसल की हालत भी बेहतर बनी हुई थी मगर उसके बाद मौसम बिगड़ने लगा।

गनीमत यह है कि मटर और मसूर के विपरीत काबुली चना का भाव पिछले कई सप्ताहों से एक निश्चित सीमा में स्थिर बना हुआ है और इसमें ज्यादा गिरावट नहीं आई है।

आगामी सप्ताहों के दौरान कनाडा की मंडियों में जब काबुली चना के नए माल की आवक बढ़ेगी तब कारोबारी गतिविधियां  कुछ तेज हो सकती है।

लेकिन उस समय भी इसका भाव निर्यात मांग पर ही निर्भर रहेगा क्योंकि कनाडा के घरेलू प्रभाग में काबुली चना की सीमित खपत होती है और उत्पादन का अधिकांश भाव विदेशों में निर्यात किया जाता है। 

उत्तरी अमरीका महाद्वीप में काबुली चना के प्रमुख उत्पादक देश- संयुक्त राज्य अमरीका, कनाडा एवं मैक्सिको में इस बार उत्पादन बेहतर होने तथा आपूर्ति की स्थिति सुगम रहने के आसार हैं जिससे फसल कटाई के बाद लम्बे समय तक कीमतों में नरमी रह सकती है।