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07-Oct-2026 08:00 PM
ओडेसा। लगभग एक माह तक शांत रहने के बाद यूक्रेन ने अब काला सागर के जलमार्ग से गुजरने वाले रूस से सम्बन्धित व्यापारिक जहाजों पर दोबारा हमला करना शुरू कर दिया है। इस क्रम में रूस की ओर आने वाले तथा रूस से बाहर जाने वाले उन जहाजों को विशेष निशाना बनाया जा रहा है जिस पर किसी भी तरह का सामान लदा होने का शक रहता है।
रूस भी यूक्रेनी जहाजों पर ड्रोन एवं मिसाइलों से भीषण आभास कर रहा है। इस भयंकर घात-प्रतिघात के कारण काला सागर क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप्प पड़ गई है और कृषि उत्पादों का निर्यात बंद होने का खतरा बढ़ गया है। इससे गेहूं के वैश्विक बाजार मूल्य में दोबारा तेजी आने लगी है।
जानकारों का कहना है कि रूस तथा यूक्रेन में गेहूं, मक्का, जौ, सूरजमुखी तेल / मील तथा मटर-मसूर एवं रेपसीड आदि का भारी-भरकम निर्यात योग्य अधिशेष स्टॉक मौजूद है मगर जलमार्ग सुरक्षित नहीं होने से इसके निर्यात शिपमेंट में भारी कठिनाई हो रही है।
प्राप्त जनकारी के अनुसार 27 सितम्बर को यूक्रेन के तुर्किश द्वारा संकलित एक शुष्क आर्मी जहाज पर हमला कर दिया। इससे पूर्व 25 अगस्त को अंतिम बार एक जहाज को निशाना बनाया गया था। लगभग 33 दिनों के अंतराल के बाद यूक्रेन द्वारा जहाज पर किए गए इस हमले से रूस भड़क गया और उसने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।