कम बिजाई एवं मजबूत मांग से उड़द का घरेलू बाजार भाव तेज

09-Sep-2024 04:33 PM

मुम्बई । घरेलू बाजार में उड़द का भाव ऊंचे स्तर पर मौजूद है और आगे भी इसमें तेजी मजबूती का माहौल बरकरार रहने की संभावना है क्योंकि एक तो इसके बिजाई क्षेत्र में कमी आई है और दूसरे, त्यौहारी सीजन के लिए मिलर्स एवं स्टॉकिस्टों द्वारा इसकी खरीद में भारी दिलचस्पी दिखाई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि पिछले दो महीनों से उड़द के दाम में नरमी का माहौल देखा जा रहा था जो अब स्थिर है। अब इसमें अचानक उतार-चढ़ाव का रुख जा रहा है। आई ग्रेन इंडिया के डायरेक्टर राहुल चौहान के अनुसार त्यौहारी मांग के कारण बाजार मजबूत होने लगा है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार उड़द का घरेलू उत्पादन 2022-23 सीजन के 26.30 लाख टन से घटकर 2023-24 सीजन के दौरान 23 लाख टन पर सिमट गया क्योंकि पिछले साल खरीफ सीजन में मानसून की स्थिति फसल के लिए अनुकूल नहीं रही थी।

गत वर्ष के मुकाबले चालू खरीफ सीजन में उड़द का बिजाई क्षेत्र 6 प्रतिशत गिरकर 29.60 लाख हेक्टेयर के करीब अटक गया। 

मध्य प्रदेश उड़द का सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है। वहां कुल राष्ट्रीय क्षेत्रफल के 45 प्रतिशत भाग में इसकी खेती होती है।

लेकिन इस राज्य में उड़द का बिजाई क्षेत्र पिछले साल के 13.90 लाख हेक्टेयर से 30 प्रतिशत घटकर इस बार 9.79 लाख हेक्टेयर पर सिमट गया।

वस्तुतः पिछले साल के प्रतिकूल मौसम को देखते हुए वहां इस बार उड़द की खेती के प्रति काफी सशंकित थे और उन्हें इसकी फसल को इस बार भी भारी नुकसान होने का डर सता रहा था।

एक अन्य प्रमुख उत्पादक प्रान्त- राजस्थान में उड़द का उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 3.19 लाख हेक्टेयर से 6 प्रतिशत गिरकर इस बार 2.98 लाख हेक्टेयर पर अटक गया।

लेकिन दूसरी ओर उड़द का रकबा महाराष्ट्र में 53 प्रतिशत उछलकर 3.86 लाख हेक्टेयर तथा उत्तर प्रदेश में 7 प्रतिशत सुधरकर 6.92 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। कुछ इलाकों में भारी वर्षा होने तथा भयंकर बाढ़ आने से उड़द की फसल को नुकसान होने की संभावना है।