कनाडा में काबुली चना का भाव कुछ नरम पड़ने की संभावना
04-Dec-2024 01:46 PM
सस्काटून (भारती एग्री एप्प)। एक अग्रणी व्यापार विश्लेषक का कहना है कि सामान्य घट-बढ़ के साथ कनाडा में चालू वर्ष की शेष अवधि के दौरान काबुली चना का भाव आमतौर पर नरम रह सकता है और नरमी के साथ ही बाजार अगले साल में प्रवेश करेगा।
पिछले सप्ताह के दौरान पश्चिमी कनाडा के प्रेयरी संभाग में काबुली चना का भाव 0.5 सेंट प्रति पौंड घट गया। छोटे कैलिबर (आकार) के 7-8 मि०मी० वाले दाने का काबुली चना फिलहाल नीचे में 25.8 सेंट से लेकर ऊपर में 41.8 सेंट प्रति पौंड के बीच तथा बड़े दाने (9-10 मि०मी०) वाले काबुली चना 39.8 सेंट से 44.8 सेंट प्रति पौंड के मूल्य स्तर पर कारोबार कर रहा है।
व्यापार विश्लेषको के मुताबिक काबुली चना के दाम में नरमी का माहौल बनने के मुख्यत: दो कारण है। पहले कारण कनाडाई फसल से सम्बन्धित है।
चालू वर्ष के दौरान ग्रीष्मकाल में भयंकर गर्मी पड़ने से दाने का आकार छोटा रह गया और बड़े दाने वाले काबुली चना का उत्पादन बहुत कम हुआ। गर्मी की वजह से दाने को विकसित होने का पूरा अवसर नहीं मिल सका।
कनाडा में 7-8 मि०मी० आकार वाले काबुली चना की भारी आपूर्ति हो रही है मगर 9-10 मि०मी० वाले दाने का काफी अभाव देखा जा रहा है।
काबुली चना के स्टॉक में कम से कम 30 प्रतिशत बड़े दाने का मिश्रण होने पर उसका भाव ऊंचा बोला जा रहा है क्योंकि आमतौर पर अन्य देशों में भी छोटे आकार वाले काबुली चना का ही उत्पादन होता है। मैक्सिको में बड़े दाने वाले माल का ज्यादा उत्पादन होता है।
लैटिन अमरीकी देश- अर्जेन्टीना में काबुली चना फसल की कटाई-तैयारी हाल ही में समाप्त हुई है और वह काफी आक्रामक ढंग से अपने उत्पादन की बिक्री कर रहा है।
इसके परिणामस्वरूप कनाडाई काबुली चना के दाम पर दबाव पड़ने लगा है। कनाडा में अब क्रिसमस का पर्व नजदीक आ रहा है और उत्पादक धन का उपार्जन जल्दी-जल्दी करना चाहते हैं।
विश्लेषक के मुताबिक काबुली चना के दाम में नरमी आने का दूसरा कारण यह है कि विश्व स्तर पर लगभग 70 प्रतिशत फसल की कटाई अगस्त से नवम्बर के दौरान होती है।
पहले तुर्किए से इसकी शुरुआत होती है और उसके बाद कनाडा, रूस तथा अमरीका में फसल कटने लगती है। अर्जेन्टीना में कटाई सबसे अंत में होती है। ऑस्ट्रेलिया में मुख्यत: देसी चना का उत्पादन होता है और वहां फसल की कटाई-तैयारी अभी जारी है।
शेष करीब 30 प्रतिशत काबुली चना की फसल भारत तथा मैक्सिको में आती है जहां फरवरी के अंत से इसकी कटाई शुरू होकर अप्रैल के अंत तक जारी रहती है। कुछ अन्य देशों में भी थोड़ी-बहुत मात्रा में इसका उत्पादन होता है।
