कनाडा में मटर की बिजाई जारी लेकिन कारोबार सुस्त

15-May-2025 04:31 PM

सस्काटून। जैसे-जैसे 31 मई का समय निकट आता जा रहा है वैसे-वैसे कनाडा के मटर उत्पादकों तथा निर्यातकों की बेचैनी बढ़ती जा रही है क्योंकि चालू माह के अंत में भारत में पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा समाप्त होने वाली है और सरकार की ओर से कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिए जाने से माहौल अनिश्चित बना हुआ है।

यदि भारत में पीली मटर के आयात के लिए दिसम्बर 2023 से पूर्व की नीति लागू हुई तो कनाडा के उत्पादकों निर्यातकों पर दोहरी मार पड़ेगी। भारत और चीन कनाडाई मटर के दो सबसे प्रमुख खरीदार हैं।

चीन की सरकार कनाडा से मटर के आयात पर 100  प्रतिशत का सीमा शुल्क पहले ही लगा चुकी है जिससे वहां इसका निर्यात लगभग ठप्प पड़ गया है। यदि भारत में ऊंचे स्तर का सीमा शुल्क लगता है और कुछ कठोर शर्तें भी लगाई जाती हैं तो यह विशाल बाजार भी कनाडा के हाथ से निकल सकता है और तब उसे अपनी मटर का निर्यात करने में भारी कठिनाई महसूस हो सकती है।

कनाडा में मटर की बिजाई पहले ही आरंभ हो चुकी है। सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- सस्कैचवान में 31 प्रतिशत से अधिक चिन्हित क्षेत्र में मटर की बिजाई पूरी हो गई है और किसान आगे की बिजाई में सक्रियता दिखा रहे हैं।

मटर का निर्यात कारोबार सुस्त पड़ गया है जिससे कीमतों में कोई खास हलचल नहीं देखी जा रही है। उत्पादक और निर्यातक भारत पर ध्यान रख रहे हैं जबकि कनाडा की सरकार चीन से भी बातचीत कर रही है। उधर रूस से सस्ते दाम पर भारत को पीली मटर का निर्यात लगातार जारी है जिससे कनाडाई मटर का भाव गैर प्रतिस्पर्धी हो गया है। 

पश्चिमी कनाडा की मंडियों में पीली मटर का भाव 10.75 डॉलर प्रति बुशेल पर स्थिर बना हुआ है जबकि अगली फसल का अग्रिम अनुबंध मूल्य 8.50-9.50 डॉलर प्रति बुशेल के बीच बताया जा रहा है।

सस्कैचवान प्रान्त के दक्षिण-पूर्वी भाग तथा मनिटोबा राज्य में ग्लायफोसैट से मुक्त पीली मटर का उत्पादन होता है जिसके निर्यात के लिए अच्छा अवसर मौजूद रह सकता है।

हरी मटर का भाव 16.50-17.00 डॉलर प्रति बुशेल पर बरकरार है जबकि इसकी अगली नई फसल का अनुबंध मूल्य 12.50 डॉलर प्रति बुशेल बताया जा रहा है।

मापले मटर का बाजार शांत है। कनाडा में जून तक मटर की बिजाई होगी जबकि अगस्त-सितम्बर से इसका नया माल आना शुरू हो जाएगा। तब तक चीन और भारत में आयात नीति जल्दी काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी। रूस भी आक्रामक ढंग से अपनी मटर का निर्यात जारी रखेगा।