कनाडा में मटर का उत्पादन 15 प्रतिशत बढ़कर 35 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान
11-Aug-2025 06:14 PM
रेगिना। किसानों के लिए मार्जिन बेहतर होने तथा रोटेशनल लाभ की उम्मीद रहने से इस वर्ष कनाडा में मटर के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई और फसल के लिए मौसम की हालत अनुकूल होने से इसकी उपज दर में वृद्धि होने की उम्मीद है।
कनाडा के सबसे प्रमुख कृषि उत्पादक प्रान्त- सस्कैचवान के दक्षिणी भाग में कहीं-कहीं नई फसल की छिटपुट कटाई-तैयारी आरंभ हुई है जबकि इसकी रफ्तार को जोर पकड़ने में अभी दो-तीन सप्ताहों का समय लग सकता है।
एक अग्रणी विश्लेषक दीपक रावत के अनुसार कनाडा में मटर का सकल उत्पादन वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 के वर्तमान सीजन में 15 प्रतिशत बढ़कर 35 लाख टन की ऊंचाई पर पहुंच जाने का अनुमान है जो पिछले पांच वर्षों में सबसे ज्यादा है।
इसके तहत वहां पीली मटर का उत्पादन 15 प्रतिशत 27.50 लाख टन, हरी मटर का उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़कर 5 लाख टन तथा अन्य किस्मों एवं श्रेणियों की मटर का उत्पादन 44 प्रतिशत उछलकर 1.75 लाख टन पर पहुंचने के आसार हैं।
कनाडा में उत्पादन बढ़ने की संभावना से पीली मटर की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। पिछले दो महीनों के दौरान इसके दाम में 12 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है।
निकट भविष्य एवं मध्यम समयावधि में इसका भाव अनेक कारकों पर निर्भर करेगा। यह देखना आवश्यक होगा कि रूस में उत्पादन कितना होता है।
फिलहाल वहां 42.50 से 47.50 लाख टन के बीच पीली मटर के उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा है जिसके मध्यमान 45 लाख टन बैठता है।
दूसरी ओर अमरीका में शुष्क मौसम के कारण मटर की उपज दर एवं पैदावार कमजोर होने की संभावना है जिससे विभिन्न उद्देश्यों में मांग को पूरा करने के लिए वहां इसके आयात की जरूरत पड़ सकती है।
चीन में उपलब्ध वैध लाइसेंस के अंतर्गत मटर का शुल्क मुक्त आयात हो सकता है। इसके अलावा भारत, पाकिस्तान, बांग्ला देश एवं तुर्की जैसे परम्परागत आयातक देशों की खरीद भी कनाडाई पीली मटर की कीमतों को प्रभावित करेगी।
भारत में पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है इसलिए कनाडा को भारत से काफी उम्मीदें हैं। वैसे पिछले कुछ महीनों से भारत में पीली मटर के आयात की गति धीमी रही है लेकिन आगामी महीनों में इसकी रफ्तार कुछ बढ़ सकती है।
