कनाडा में विभिन्न फसलों की कटाई की रफ्तार बढ़ी

05-Sep-2025 04:39 PM

ओटावा। उत्तरी अमरीका महाद्वीप के एक अग्रणी कृषि उत्पादक देश- कनाडा में विभिन्न फसलों की कटाई-तैयारी आमतौर पर अगस्त से आरंभ हो जाती है मगर इसकी रफ्तार मध्य अगस्त के बाद ही जोर पकड़ती है।

आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि शुरुआती दौर में किसान शीतकालीन गेहूं तथा दलहन फसलों की कटाई पर ज्यादा ध्यान देते हैं जबकि मक्का एवं सोयाबीन फसल की कटाई सबसे अंत में की जाती है। कैनोला फसल की कटाई की गति भी सितम्बर में ही तेज होती है।

कनाडा के कृषि मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा मार्केटिंग सीजन में 1 सितम्बर 2025 तक राष्ट्रीय स्तर पर शीतकालीन गेहूं की 91 प्रतिशत फसल की कटाई पूरी हो चुकी थी।

इसके अलावा 88 प्रतिशत क्षेत्र में राई, 73 प्रतिशत में मटर, 60 प्रतिशत में मसूर, 34 प्रतिशत में जौ तथा 30 प्रतिशत क्षेत्र में ड्यूरम गेहूं की फसल काटी गई। 

इसके साथ-साथ वहां 17 प्रतिशत क्षेत्र में जई (ओट), 14 प्रतिशत क्षेत्र में वसंतकालीन गेहूं, 10 प्रतिशत क्षेत्र में सरसों तथा 4 प्रतिशत प्रतिशत में कैनोला फसल की कटाई हुई है।

उल्लेखनीय है कि कनाडा दुनिया में मसूर एवं कैनोला का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश बना हुआ है। पहले यह मटर के उत्पादन एवं निर्यात में भी सबसे आगे था मगर अब रूस उससे काफी आगे निकल गया है।

कनाडा गेहूं के पांच शीर्ष निर्यातक देशों की सूची में शामिल है। इसके अलावा वहां से मक्का, जौ, सोयाबीन एवं काबुली चना आदि का भी निर्यात होता है। 

भारत में कनाडा से मसूर एवं मटर की विशाल मात्रा का आयात किया जाता है मगर भारतीय बाजार में कनाडाई निर्यातकों को मसूर में ऑस्ट्रेलिया से तथा मटर में रूस से कठिन चुनौती एवं सख्त प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।

इस बार कनाडा में मसूर-मटर का बेहतर उत्पादन होने के संकेत मिल रहे हैं मगर इसका निर्यात धीमी गति से हो रहा है। जुलाई की बेमौसमी  वर्षा से फसल की क्वालिटी प्रभावित होने की आशंका है।