कनाडा में विशाल बकाया स्टॉक से मसूर के दाम पर दबाव

07-May-2026 12:51 PM

वैंकुवर। पिछले साल कनाडा में मसूर का शानदार उत्पादन हुआ था जिसका बड़ा भाग अब भी वहां मौजूद है। वैसे कुल मिलाकर 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में इसका निर्यात प्रदर्शन बेहतर बना हुआ है लेकिन फिर भी पिछला स्टॉक काफी बड़ा होने से कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि लाल मसूर के साथ-साथ वहां हरी मसूर का भी भारी स्टॉक मौजूद है।

अगला मार्केटिंग सीजन अगस्त 2026 से आरंभ होगा और तब कनाडा में मसूर का भरपूर स्टॉक उपलब्ध रहेगा। प्रमुख उत्पादक राज्यों में बिजाई का अभियान आरंभ हो चुके है। भारत में मानसून के कमजोर रहने की संभावना से कनाडा के उत्पादकों ने अपने स्टॉक की बिक्री की गति धीमी कर दी है। जानकारों के अनुसार यदि भारत में खरीफ सीजन के दौरान तुवर का उत्पादन प्रभावित होता है तो विकल्प के तौर पर मसूर का आयात बढ़ाया जा सकता है।

यहां यह तथ्य ध्यान रखने लायक है कि भारत में जब तुवर की नई फसल की कटाई-तैयारी आरंभ होगी तब तक कनाडा में चालू सीजन की फसल आ चुकी होगी। वहां अक्टूबर तक फसल की कटाई पूरी हो जाती है जबकि भारत में दिसम्बर-जनवरी में फसल की कटाई-तैयारी आरंभ होती है। 

कनाडा में नम्बर 2 ग्रेड की मोटी हरी मसूर का भाव 24-25 सेंट प्रति पौंड, नम्बर 1 श्रेणी की छोटी हरी मसूर का दाम 20 सेंट प्रति पौंड तथा लाल मसूर का मूल्य 24-25 सेंट प्रति पौंड पर स्थिर बना हुआ है। अगली नई फसल की कीमत भी इसी स्तर के आसपास घूम रही है जिससे संकेत मिलता है कि निर्यातकों को आगामी महीनों में भारतीय बाजार से काफी उम्मीदें हैं।