पाम तेल का वायदा भाव आगामी समय में ऊंचा रहने का अनुमान

07-May-2026 12:26 PM

सिंगापुर। वनस्पति तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विश्लेषक एवं गोदरेज इंटरनेशनल के डायरेक्टर दोराब मिस्त्री ने कहा है कि मलेशियाई क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का वायदा मूल्य जून 2026 तक बढ़कर 5000 रिंगिट प्रति टन तथा जुलाई में सुधरकर 5200 रिंगिट प्रति टन पर पहुंच सकता है। ध्यान देने वाली बात है कि दोराब मिस्त्री ऐसे गिने-चुने विश्लेषकों में शामिल हैं जिनकी बातों को काफी गौर से सुना जाता है और जिनकी भविष्यवाणी का अक्सर खाद्य तेल के वैश्विक बाजार मूल्य पर गहरा असर पड़ता है।

पिछले सप्ताह क्रूड खनिज तेल का वैश्विक बाजार भाव बढ़कर 126 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया जो गत चार वर्ष का सबसे ऊंचा स्तर था। इससे विभिन्न देशों में जैव ईंधन के निर्माण में वनस्पति तेल का उपयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जीवाश्म डीजल एवं पाम बायोडीजल की कीमतों में अंतर काफी घट गया है। इससे सरकारों को सब्सिडी में कटौती करने का अवसर मिल रहा है। कुछ देशों में तो पाम बायोडीजल अब जीवाश्म या प्राकृतिक डीजल से भी सस्ता हो गया है।

इंडोनेशिया में 1 जुलाई 2026 से बी 50 प्रोग्राम लागू करने का निर्णय लिया गया है जिसके तहत बायोडीजल के निर्माण में 50 प्रतिशत पाम तेल का उपयोग करना आवश्यक हो जाएगा। इसके साथ-साथ मलेशिया एवं थाईलैंड सहित कुछ अन्य देशों में भी बायोडीजल के निर्माण में पाम तेल का इस्तेमाल बढ़ाने का निर्णय लिया जा रहा है। इंडोनेशिया दुनिया में पाम तेल का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है। वहां फिलहाल बी 40 प्रोग्राम लागू है जबकि 1 जुलाई से बी 50 प्रोग्राम प्रभावी होने की संभावना है। 

वैश्विक बाजार में पाम तेल की प्रतिस्पर्धा सोयाबीन तेल के साथ रहती है जिसकी कीमतों में हाल के सप्ताहों में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है क्योंकि अमरीका, ब्राजील एवं अर्जेन्टीना जैसे शीर्ष उत्पादक देशों में बायो डीजल के निर्माण में सोयाबीन तेल का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। अमरीका में सोया तेल का वायदा भाव आगे और तेज होने की संभावना है। 

खाद्य तेलों के ऊंचे भाव के कारण भारत जैसे अग्रणी खरीदार देशों में मांग कमजोर पड़ गई। अब स्टॉक घटने से भारत को जून से खाद्य तेलों का आयात बढ़ाने की आवश्यकता पड़ सकती है।