कनाडाई मटर के लिए चीन से बुरी एवं भारत अच्छी खबर
11-Mar-2025 05:09 PM
ओटावा । एक तरफ चीन ने कनाडाई मटर के आयत पर 100 प्रतिशत का भारी भरकम सीमा शुल्क लगाने की घोषणा की है जो 20 मार्च 2025 से लागू हो जायेगा तो दूसरी ओर भारत सरकार ने पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की अवधि को तीन माह के लिए बढ़ाकर 31 मई 2025 निर्धारित कर दिया है।
चीन में कनाडा से कैनोला तेल एवं कैनोला मील के आयात पर भी इतना ही शुल्क लगाने का निर्णय लिया गया है। दरअसल इससे पूर्व कनाडा ने चीन में निर्मित इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत तथा उसके स्टील एवं अल्युमिनियम पर 25 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा दिया था। यह शुल्क अमरीका तथा यूरोपीय संघ पर भी लागू हुआ था।
पल्स कनाडा ने चीन की घोषणा पर हैरानी व्यक्त करते हुए अपनी सरकार से आग्रह किया है कि वह इस मुद्दे पर चीन के साथ जल्दी से जल्दी बातचीत शुरू करे क्योंकि चीन कनाडाई मटर एवं कैनोला उत्पादों का एक अग्रणी एवं स्थायी खरीदार है और वह बाजार कनाडा के हाथ से निकल सकता है।
संस्था के मुताबिक वर्ष 2024 में कनाडा से चीन को 30.60 करोड़ डॉलर (कनाडाई) मूल्य की लगभग 5 लाख टन पीली मटर का निर्यात किया गया जबकि पिछले पांच वर्षों में औसतन 15 लाख टन मटर का सालाना निर्यात हुआ जिसकी कीमत 80 करोड़ से 1 अरब डॉलर के बीच रही।
कनाडा सरकार को चीन के साथ तुरंत बातचीत शुरू करना चाहिए ताकि उसे शुल्क नहीं लगाने के लिए राजी किया जा सके।
इधर भारत में कई दिनों की खामोशी के बाद सरकार ने अंततः पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की अवधि को तीन माह के लिए बढ़ाने की घोषणा कर दी है।
इसके तहत अब 31 मई 2025 तक के बिल ऑफ लेडिंग वाली पीली मटर की खेप को शुल्क मुक्त माना जाएगा। कनाडाई मटर के लिए 7 मार्च को चीन से बुरी खबर आई थी
जबकि 10 मार्च को भारत की ओर से अच्छी सूचना मिल गई। ज्ञात हो कि भारत में पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा 28 फरवरी 2025 को ही समाप्त हो गई थी।
सरकारी एजेंसी- स्टैट्स कैन के अनुसार वर्ष 2024 की सम्पूर्ण अवधि के दौरान कनाडा से कुल 26.10 लाख टन मटर का निर्यात किया गया जिसमें पीली मटर की भागीदारी 20.90 लाख टन रही। इसमें से भारत को 14.20 लाख टन पीली मटर का शिपमेंट किया गया।
